राजस्थान में फिर सक्रिय हुआ पश्चिमी विक्षोभ, कई जिलों में बदला मौसम, बूंदाबांदी और ओलावृष्टि
राजस्थान में सोमवार को एक बार फिर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गया, जिसके असर से प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ले ली। इसके प्रभाव से परिसंचरण तंत्र (सर्कुलेशन सिस्टम) बनने के साथ ही आसमान में घने बादलों की आवाजाही बढ़ गई और कई इलाकों में बरसाती मौसम जैसी स्थिति बन गई।
मौसम के इस बदलाव के चलते प्रदेश के कई शहरों और कस्बों में हल्की बूंदाबांदी से लेकर रुक-रुक कर हल्की बारिश दर्ज की गई, जिससे सड़कों पर पानी जमा हो गया और मौसम सुहावना हो गया। तेज गर्मी से जूझ रहे लोगों को इससे बड़ी राहत मिली।
🌧️ कई इलाकों में बदला मौसम का मिजाज
दिनभर आसमान में बादल छाए रहे और कई जगहों पर काले बादलों के कारण दिन में भी अंधेरा जैसा माहौल बन गया। अचानक हुई बारिश ने जहां तापमान में गिरावट दर्ज कराई, वहीं आम जनजीवन पर भी आंशिक असर पड़ा।
🌨️ जोधपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में ओलावृष्टि
जोधपुर के ग्रामीण इलाकों में कई स्थानों पर ओलावृष्टि की सूचना मिली है। ओले गिरने से किसानों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि रबी फसलों को नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि अभी नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
🌡️ तापमान में गिरावट
मौसम में आए इस बदलाव से अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। सुबह और शाम के समय हल्की ठंडक का अहसास होने लगा है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है।
🌾 किसानों के लिए मिश्रित असर
जहां एक ओर बारिश और बादलों से नमी बढ़ने से कुछ राहत मिली है, वहीं ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, यदि ओलावृष्टि अधिक समय तक होती तो फसलों को अधिक नुकसान हो सकता था।
📌 मौसम विभाग की निगरानी
मौसम विभाग लगातार इस सिस्टम पर नजर बनाए हुए है और आने वाले दिनों में भी कुछ जिलों में हल्की बारिश और बादल छाए रहने की संभावना जताई गई है।
