जयपुर में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में इस्तेमाल हथियारों का प्रदर्शन, नाग मिसाइल और एयर डिफेंस सिस्टम आकर्षण का केंद्र
राजस्थान की राजधानी जयपुर में सेना की ताकत और तकनीकी क्षमता का भव्य प्रदर्शन देखने को मिला। यहां ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में इस्तेमाल किए गए अत्याधुनिक हथियारों और रक्षा प्रणालियों को आम जनता के सामने प्रदर्शित किया गया। इस दौरान नाग मिसाइल, आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम और अन्य स्वदेशी हथियार लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे। खास बात यह रही कि इस पूरे प्रदर्शन में भारतीय सेना की महिला अधिकारियों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को और भी खास बना दिया।
कार्यक्रम के दौरान सेना की महिला ऑफिसर्स हथियार प्रणालियों के साथ आत्मविश्वास से खड़ी नजर आईं। उन्होंने न सिर्फ इन हथियारों की जानकारी दी, बल्कि यह भी बताया कि आधुनिक युद्ध में तकनीक और प्रशिक्षण कितनी अहम भूमिका निभाते हैं। महिला अधिकारियों की यह भूमिका सेना में बढ़ती लैंगिक समानता और नेतृत्व क्षमता को भी दर्शाती है।
प्रदर्शन में दिखाई गई नाग मिसाइल को भारत की स्वदेशी रक्षा तकनीक की बड़ी उपलब्धि माना जाता है। यह एक एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल है, जिसे खासतौर पर दुश्मन के बख्तरबंद वाहनों को नष्ट करने के लिए डिजाइन किया गया है। ‘फायर एंड फॉरगेट’ तकनीक पर आधारित यह मिसाइल भारतीय सेना की मारक क्षमता को कई गुना बढ़ाती है। इसके अलावा, एयर डिफेंस सिस्टम के जरिए यह दिखाया गया कि कैसे दुश्मन के हवाई हमलों से देश की सीमाओं और महत्वपूर्ण ठिकानों की रक्षा की जाती है।
सेना के अधिकारियों ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इन हथियारों का प्रभावी इस्तेमाल किया गया था, जिससे मिशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया जा सका। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना लगातार स्वदेशी हथियारों और तकनीक को अपनाकर आत्मनिर्भर भारत की दिशा में आगे बढ़ रही है। ऐसे आयोजनों का उद्देश्य न केवल सेना की ताकत दिखाना है, बल्कि युवाओं को रक्षा क्षेत्र के प्रति प्रेरित करना भी है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। युवाओं और बच्चों में सेना के हथियारों को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। कई लोगों ने महिला अधिकारियों के साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं और उनसे सेना में करियर को लेकर सवाल पूछे। सोशल मीडिया पर भी इस कार्यक्रम के वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें महिला ऑफिसर्स हथियारों के साथ नजर आ रही हैं।
सेना के इस प्रदर्शन को लोगों ने गर्व और सम्मान की नजर से देखा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के आयोजन न केवल सेना और जनता के बीच जुड़ाव बढ़ाते हैं, बल्कि देश की सुरक्षा को लेकर भरोसा भी मजबूत करते हैं। जयपुर में हुआ यह कार्यक्रम भारतीय सेना की शक्ति, आत्मनिर्भरता और महिला सशक्तिकरण—तीनों का सशक्त संदेश देता नजर आया।
