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वीडियो मे देखें! राजस्थान में फिजूलखर्ची पर सख्ती: सीएम भजनलाल शर्मा ने घटाया काफिला, 10–12 की जगह सिर्फ 5 गाड़ियां, पर्यावरण संदेश भी दिया

वीडियो मे देखें! राजस्थान में फिजूलखर्ची पर सख्ती: सीएम भजनलाल शर्मा ने घटाया काफिला, 10–12 की जगह सिर्फ 5 गाड़ियां, पर्यावरण संदेश भी दिया
 
वीडियो मे देखें! राजस्थान में फिजूलखर्ची पर सख्ती: सीएम भजनलाल शर्मा ने घटाया काफिला, 10–12 की जगह सिर्फ 5 गाड़ियां, पर्यावरण संदेश भी दिया

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने फिजूलखर्ची रोकने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम पहल की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने की अपील के बाद मुख्यमंत्री ने स्वयं अपने सुरक्षा काफिले में वाहनों की संख्या में बड़ी कटौती कर एक उदाहरण पेश किया है।

बदला हुआ नजर आया मुख्यमंत्री का काफिला

बुधवार सुबह जब मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा दिल्ली दौरे के लिए जयपुर के सांगानेर एयरपोर्ट रवाना हुए, तो इस बार उनका काफिला पहले से काफी अलग नजर आया। आमतौर पर 10 से 12 गाड़ियों के काफिले के साथ चलने वाले मुख्यमंत्री के साथ इस बार केवल 5 वाहन ही देखे गए। इस बदलाव ने प्रशासनिक हलकों में भी चर्चा तेज कर दी है और इसे एक प्रतीकात्मक लेकिन महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

फिजूलखर्ची और प्रदूषण पर रोक की कोशिश

मुख्यमंत्री का यह कदम न केवल सरकारी खर्च में कटौती की दिशा में देखा जा रहा है, बल्कि इसे पर्यावरण संरक्षण से भी जोड़कर देखा जा रहा है। पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने से जहां ईंधन की बचत होगी, वहीं वाहनों से होने वाले प्रदूषण में भी कमी आने की उम्मीद है।

मंत्रियों और अधिकारियों को भी निर्देश

सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री ने सिर्फ अपने काफिले तक ही यह बदलाव सीमित नहीं रखा है, बल्कि प्रदेश के सभी मंत्रियों, जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के लिए भी इसी तरह की फिजूलखर्ची कम करने के निर्देश जारी किए हैं। सरकार का मानना है कि अगर शीर्ष स्तर पर अनुशासन और सादगी दिखाई जाएगी तो इसका सकारात्मक असर पूरे प्रशासन पर पड़ेगा।

पीएम मोदी की अपील से जुड़ा कदम

मुख्यमंत्री का यह निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस अपील के बाद सामने आया है, जिसमें उन्होंने पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने और पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देने की बात कही थी। इसे उसी दिशा में राज्य स्तर पर उठाया गया एक ठोस कदम माना जा रहा है।