वीडियो में देखें भरतपुर में दहेज और उत्पीड़न का खौफनाक अंजाम, एफआईआर के बाद बहू की पीट-पीटकर हत्या, जहर भी पिलाया
राजस्थान के भरतपुर जिले से दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां ससुराल पक्ष के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराना एक महिला की जान पर भारी पड़ गया। गहनौली मोड़ थाना क्षेत्र के घड़ी बुराना गांव में ससुराल वालों ने कथित तौर पर पहले महिला को सरियों से बेरहमी से पीटा और फिर जबरन जहर पिला दिया। गंभीर हालत में महिला को पड़ोसियों ने अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
पुलिस के अनुसार मृतक महिला की पहचान जनक श्री के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह एक सुनियोजित हत्या का मामला है। घटना के बाद से महिला का पति नरेश और उसके परिवार के अन्य सदस्य फरार हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक 3 जनवरी को जनक श्री ने अपने ससुराल वालों के खिलाफ मारपीट और प्रताड़ना का मामला दर्ज कराया था। इस एफआईआर के बाद से ही ससुराल पक्ष उससे नाराज चल रहा था। पुलिस का कहना है कि इसी रंजिश के चलते आरोपियों ने जनक श्री के साथ बेरहमी से मारपीट की। सरियों से बुरी तरह पीटने के बाद उसे जहर पिला दिया गया, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई।
घटना के समय घर में मौजूद पड़ोसियों ने महिला की हालत बिगड़ती देख उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। इलाज के दौरान जनक श्री ने दम तोड़ दिया। अस्पताल प्रशासन की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
मृतका के भाई लोकेश, जो जगनेर का निवासी है, ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। लोकेश का कहना है कि जनक श्री की शादी के बाद से ही उसे लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। परिवार ने ससुराल वालों की मांग पर न केवल दहेज दिया, बल्कि पति नरेश को टैक्सी भी दिलवाई थी, ताकि वह रोजगार कर सके। इसके बावजूद बहन को मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान किया जाता रहा।
लोकेश ने बताया कि बहन ने कई बार अपने साथ हो रही प्रताड़ना की शिकायत की थी, लेकिन समाज और परिवार की बदनामी के डर से वह चुप रही। जब अत्याचार बढ़ गया तो मजबूर होकर उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इसी शिकायत को वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा था, और मना करने पर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई।
गहनौली मोड़ थाना पुलिस ने हत्या, दहेज प्रताड़ना और जहर देने की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित की गई हैं और जल्द ही उन्हें पकड़ लिया जाएगा। गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है।
यह घटना एक बार फिर समाज में महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराधों और दहेज प्रथा की भयावह सच्चाई को उजागर करती है। सवाल यह है कि जब एक महिला कानून का सहारा लेती है, तो क्या उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी समाज और प्रशासन की नहीं बनती? भरतपुर की यह घटना कई गंभीर सवाल छोड़ गई है, जिनके जवाब अभी बाकी हैं।
