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वीडियो में देखें कोटा में अमानवीय घटना, गाय के शव को ट्रैक्टर से बांधकर घसीटा, वीडियो वायरल होने पर बवाल

वीडियो में देखें कोटा में अमानवीय घटना, गाय के शव को ट्रैक्टर से बांधकर घसीटा, वीडियो वायरल होने पर बवाल
 
वीडियो में देखें कोटा में अमानवीय घटना, गाय के शव को ट्रैक्टर से बांधकर घसीटा, वीडियो वायरल होने पर बवाल

राजस्थान के कोटा जिले से एक बेहद संवेदनशील और अमानवीय मामला सामने आया है। यहां एक व्यक्ति ने मृत गाय के शव को ट्रैक्टर से बांधकर करीब एक किलोमीटर तक घसीटा। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद हिंदू संगठनों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। मामला चेचट थाना क्षेत्र की खेड़ा ग्राम पंचायत का बताया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार खेड़ा ग्राम पंचायत क्षेत्र में किसी ग्रामीण की पालतू गाय की मौत हो गई थी। गाय के निधन के बाद उसके शव को गांव से बाहर दूसरी जगह डलवाने के लिए ट्रैक्टर बुलाया गया। आरोप है कि ट्रैक्टर चालक ओमप्रकाश ने गाय के शव को ट्रैक्टर से बांध दिया और उसे घसीटते हुए गांव से करीब एक किलोमीटर दूर एक सुनसान जगह पर ले जाकर फेंक दिया। इस दौरान ट्रैक्टर में चालक के साथ एक अन्य व्यक्ति भी मौजूद था।

इस पूरी घटना का किसी ने वीडियो बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो सामने आते ही स्थानीय लोगों और हिंदू संगठनों में भारी नाराजगी फैल गई। संगठनों ने इसे धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली और अमानवीय हरकत बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि मृत मवेशियों के सम्मानजनक निस्तारण के लिए पंचायत द्वारा पहले से व्यवस्था की गई है, इसके बावजूद इस तरह की लापरवाही और असंवेदनशीलता बर्दाश्त नहीं की जा सकती।

ग्राम पंचायत की ओर से बताया गया कि गांव में मृत मवेशियों को उठाने और उनका निस्तारण करने की जिम्मेदारी ओमप्रकाश को दी गई थी। पंचायत ने उसे इस काम के लिए एक ठेला भी उपलब्ध कराया हुआ है, ताकि शव को सम्मानजनक तरीके से ले जाया जा सके। इसके बावजूद ओमप्रकाश ने नियमों की अनदेखी करते हुए गाय के शव को ट्रैक्टर से बांधकर घसीटा।

वीडियो वायरल होने के बाद ग्राम पंचायत ने तत्काल कार्रवाई करते हुए ट्रैक्टर चालक ओमप्रकाश को नोटिस जारी किया है। पंचायत का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आगे की कार्रवाई पर भी विचार किया जा रहा है। वहीं, पुलिस भी वीडियो के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच में जुट गई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं समाज में गलत संदेश देती हैं और पशुओं के प्रति संवेदनशीलता की कमी को दर्शाती हैं। फिलहाल प्रशासन और पंचायत की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। लोग दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।