वीडियो में देखें अलवर में इंद्रेश उपाध्याय की भागवत कथा में नहीं उमड़ी भीड़, व्यवस्थाओं पर उठे सवाल
राजस्थान के अलवर में आयोजित प्रसिद्ध कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय की श्रीमद्भागवत कथा के दौरान उम्मीद के मुताबिक भीड़ नहीं पहुंची। भव्य तैयारियों के बावजूद आयोजन स्थल पर अपेक्षाकृत कम श्रद्धालु नजर आए, जिससे आयोजकों और प्रशासन की व्यवस्थाओं पर सवाल उठने लगे हैं।
अलवर में 17 मार्च से शुरू हुई यह भागवत कथा 23 मार्च तक चलनी है। इस धार्मिक आयोजन को लेकर पहले से ही बड़े स्तर पर तैयारियां की गई थीं। आयोजकों को उम्मीद थी कि राजस्थान समेत अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा सुनने पहुंचेंगे। हालांकि, आयोजन के शुरुआती दिनों में अपेक्षित भीड़ नहीं दिखी। विशाल पांडाल और व्यवस्थाओं के बावजूद कई जगह खाली कुर्सियां नजर आईं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस स्तर की तैयारी की गई थी, उसके मुकाबले श्रद्धालुओं की संख्या काफी कम रही।
क्या रही वजह:
भीड़ कम होने के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। कुछ लोगों का मानना है कि आयोजन के समय और प्रचार-प्रसार में कमी के चलते अपेक्षित संख्या में लोग नहीं पहुंच पाए। वहीं, कुछ स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा रही कि एक ही समय पर अन्य धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम होने के कारण लोगों की भागीदारी बंटी रही। इसके अलावा, मौसम और परीक्षाओं का समय भी एक कारण माना जा रहा है, जिससे युवाओं और परिवारों की उपस्थिति प्रभावित हुई।
पहले थी भारी भीड़ की उम्मीद:
आयोजकों ने पहले दावा किया था कि इस कथा में देशभर से श्रद्धालु पहुंचेंगे और शहर में धार्मिक माहौल देखने को मिलेगा। यहां तक कि होटल और गेस्ट हाउस के बुक होने की भी खबरें सामने आई थीं। इंद्रेश उपाध्याय देशभर में अपनी ओजस्वी वाणी और भावपूर्ण कथा के लिए प्रसिद्ध हैं, ऐसे में इस आयोजन से भी बड़ी भीड़ की उम्मीद जताई जा रही थी।
आयोजकों की प्रतिक्रिया:
हालांकि आयोजकों का कहना है कि कथा कई दिनों तक चलेगी और आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ सकती है। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कथा का लाभ लेने की अपील भी की है।
