Aapka Rajasthan

वीडियो में देखें एसीबी की दबिश से मचा हड़कंप, रिश्वत के पैसे लेकर भागा बिजली विभाग का जेईएन, नाले में कूदकर बचने की कोशिश

वीडियो में देखें एसीबी की दबिश से मचा हड़कंप, रिश्वत के पैसे लेकर भागा बिजली विभाग का जेईएन, नाले में कूदकर बचने की कोशिश
 
वीडियो में देखें एसीबी की दबिश से मचा हड़कंप, रिश्वत के पैसे लेकर भागा बिजली विभाग का जेईएन, नाले में कूदकर बचने की कोशिश

राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। इसी कड़ी में एक फिल्मी अंदाज का मामला सामने आया है, जहां एसीबी टीम को देखकर बिजली विभाग का जेईएन रिश्वत के पैसे लेकर फरार हो गया। टीम ने करीब तीन किलोमीटर तक उसका पीछा किया। जब जेईएन को लगा कि अब बचना मुश्किल है, तो उसने जान बचाने के लिए करीब 10 फीट गहरे नाले में छलांग लगा दी। आखिरकार एसीबी ने सोलर प्लांट के बदले रिश्वत मांगने वाले एईएन और जेईएन दोनों को गिरफ्तार कर लिया।

जानकारी के अनुसार, यह मामला सोलर प्लांट से जुड़े कार्य की मंजूरी का है। आरोप है कि बिजली विभाग के एईएन मोहित कटियार और जेईएन अभिषेक गुप्ता ने परिवादी से काम के बदले कुल 90 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की थी। इसमें से पहली किश्त के रूप में 50 हजार रुपए लेने की बात तय हुई थी। परिवादी ने रिश्वत देने से इनकार करते हुए एसीबी से शिकायत कर दी, जिसके बाद टीम ने जाल बिछाया।

एसीबी टीम जैसे ही मौके पर पहुंची, जेईएन अभिषेक गुप्ता को भनक लग गई कि मामला गड़बड़ है। घबराए जेईएन ने रिश्वत की रकम स्कूटी में रखी और मौके से भाग निकला। एसीबी टीम ने तुरंत उसका पीछा किया। करीब तीन किलोमीटर तक चले इस पीछा के दौरान जेईएन तेजी से स्कूटी दौड़ाता रहा। खुद को घिरता देख उसने अचानक स्कूटी रोकी और पास ही मौजूद करीब 10 फीट गहरे नाले में कूद गया, ताकि एसीबी की पकड़ से बच सके।

हालांकि, एसीबी टीम ने मौके की घेराबंदी कर जेईएन को बाहर निकाला और हिरासत में ले लिया। इसके बाद टीम ने रिश्वत के पैसे भी बरामद कर लिए। वहीं, दूसरी ओर एईएन मोहित कटियार को भी मौके से दबोच लिया गया। दोनों अधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।

एसीबी अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जांच में रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई है। सोलर प्लांट से जुड़े कार्य में जानबूझकर अड़चनें डालकर परिवादी को परेशान किया जा रहा था और फिर मोटी रकम की मांग की गई। अब दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और यह भी जांच की जा रही है कि कहीं इस तरह के मामलों में और अधिकारी तो शामिल नहीं हैं।

इस घटना के बाद बिजली विभाग में हड़कंप मच गया है। एसीबी की इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। आम लोगों ने भी एसीबी की तत्परता की सराहना की है और उम्मीद जताई है कि इस तरह की कार्रवाइयों से सरकारी विभागों में फैले भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी।

फिलहाल, एसीबी दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश करने की तैयारी कर रही है, जहां आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि रिश्वतखोरी चाहे कितनी भी चालाकी से की जाए, कानून के लंबे हाथ आखिरकार दोषियों तक पहुंच ही जाते हैं।