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वीडियो में देखें जयपुर में अवैध वसूली का बड़ा खुलासा, कैफे ऑनर समेत तीन पुलिसकर्मी गिरफ्तार, फरार आरोपी की तलाश जारी

वीडियो में देखें जयपुर में अवैध वसूली का बड़ा खुलासा, कैफे ऑनर समेत तीन पुलिसकर्मी गिरफ्तार, फरार आरोपी की तलाश जारी
 
वीडियो में देखें जयपुर में अवैध वसूली का बड़ा खुलासा, कैफे ऑनर समेत तीन पुलिसकर्मी गिरफ्तार, फरार आरोपी की तलाश जारी

राजधानी जयपुर में अवैध वसूली के एक सनसनीखेज मामले का खुलासा हुआ है। इस मामले में पुलिस ने गुरुवार रात एक कैफे ऑनर सहित तीन पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि कैफे ऑनर की प्लानिंग पर तीनों पुलिसकर्मी अवैध वसूली की साजिश में शामिल हुए और डराने-धमकाने के जरिए पैसों की वसूली करवाई गई। यह कार्रवाई मानसरोवर थाना पुलिस ने की है, जिसने चारों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार, अवैध वसूली की इस साजिश का मास्टरमाइंड कैफे ऑनर पवन कुमार गुर्जर है, जो भरतपुर जिले के नदबई का निवासी है और वर्तमान में मानसरोवर के रजत पथ क्षेत्र में कैफे संचालित करता है। आरोप है कि पवन कुमार ने अपने जानकारों और पुलिसकर्मियों के साथ मिलकर एक व्यक्ति को डराने-धमकाने की योजना बनाई। इस योजना के तहत एक दोस्त के जरिए पीड़ित से रुपए लूटे गए, ताकि मामला पुलिस की वर्दी और रौब के चलते दबा रहे।

इस मामले में गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपियों में बाबूलाल मीणा निवासी श्यामपुरा चंदवाजी, कैलाश चन्द निवासी श्रीमाधोपुर सीकर और अनिल कुमार रागेरा निवासी बानूसर अलवर शामिल हैं। बाबूलाल मीणा और अनिल कुमार रागेरा वर्तमान में मानसरोवर थाने में कॉन्स्टेबल के पद पर तैनात हैं, जबकि कैलाश चन्द नारायण विहार थाने में कॉन्स्टेबल है। जांच में सामने आया है कि तीनों पुलिसकर्मियों ने अपनी वर्दी और पद का दुरुपयोग करते हुए अवैध वसूली में सक्रिय भूमिका निभाई।

मानसरोवर थाना पुलिस के मुताबिक, शिकायत मिलने के बाद मामले की गंभीरता से जांच की गई। जांच के दौरान कॉल डिटेल्स, घटनाक्रम और आरोपियों की भूमिका की पुष्टि हुई, जिसके बाद गुरुवार रात चारों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला पुलिस विभाग की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला है, इसलिए इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाएगी।

हालांकि, इस अवैध वसूली कांड में एक आरोपी अभी फरार है, जो कथित रूप से वसूली की गई रकम लेकर भाग गया। पुलिस की टीमें उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही हैं और संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। जल्द ही फरार आरोपी को भी गिरफ्तार किए जाने की संभावना जताई जा रही है।

इस घटना के सामने आने के बाद पुलिस विभाग में भी हड़कंप मच गया है। वरिष्ठ अधिकारियों ने साफ कहा है कि कानून की रक्षा करने वालों द्वारा कानून तोड़ने की इजाजत नहीं दी जा सकती। यदि जांच में आगे और भी तथ्य सामने आते हैं, तो आरोपियों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

फिलहाल, मानसरोवर थाना पुलिस गिरफ्तार चारों आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि अवैध वसूली की यह साजिश कितने समय से चल रही थी और इसमें कोई अन्य व्यक्ति या पुलिसकर्मी तो शामिल नहीं थे। यह मामला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि वर्दी की आड़ में अपराध करने वालों पर सख्त नजर और कार्रवाई कितनी जरूरी है।