राजस्थान में करवा चौथ पर चांद का इंतजार, फुटेज में देंखे जयपुर में सवा घंटे की देरी से हुए दर्शन; भीलवाड़ा-चित्तौड़गढ़ में भी देर से निकला चांद
राजस्थान में करवा चौथ का पर्व गुरुवार को उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया। हालांकि, प्रदेश के कई शहरों में सुहागिन महिलाओं को चांद के दीदार के लिए सामान्य समय से ज्यादा इंतजार करना पड़ा। जयपुर समेत कई जिलों में चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के असर से हुई बारिश और आसमान में बादल छाए रहने के कारण चंद्रमा देर से दिखाई दिया। महिलाओं ने चांद निकलने के बाद उसकी पूजा की, अर्घ्य दिया और छलनी से दर्शन कर पति के हाथों पानी पीकर व्रत खोला।
जयपुर में महिलाओं को चांद के दीदार के लिए करीब सवा घंटे तक इंतजार करना पड़ा। यहां रात 9 बजकर 38 मिनट पर चंद्रमा नजर आया। वहीं भीलवाड़ा में निर्धारित समय से 20 मिनट की देरी के बाद रात 8 बजकर 52 मिनट पर चांद दिखाई दिया। चित्तौड़गढ़ में भी चंद्रमा 19 मिनट की देरी से रात 8 बजकर 52 मिनट पर नजर आया। जोधपुर में 25 मिनट की देरी के बाद रात 9 बजे और सीकर में 38 मिनट की देरी से रात 9 बजे चांद के दर्शन हुए।चांद निकलने के साथ ही महिलाओं ने पूजा की थाली सजाकर छतों और खुले स्थानों पर पहुंचकर चंद्रमा को अर्घ्य दिया। इसके बाद छलनी से चांद और अपने पति का चेहरा देखकर व्रत की परंपरा निभाई। महिलाओं ने पति के हाथ से पानी पीकर दिनभर का निर्जला व्रत खोला। कई परिवारों में इस दौरान पूजा और व्रत खोलने की विशेष तैयारियां की गई थीं।
जयपुर के होटल में हुआ करवा चौथ का विशेष आयोजन
जयपुर के होटल क्लार्क्स आमेर में करवा चौथ के अवसर पर ‘चांद का दीदार, प्यार का इजहार’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस आयोजन में महिलाओं के साथ पुरुषों ने भी अपनी पत्नियों के लिए व्रत रखा। कार्यक्रम में करवा चौथ को लेकर उत्साह और पारिवारिक प्रेम का माहौल देखने को मिला।
कई शहरों में समूह में की पूजा, महिलाओं ने किया डांस
राजस्थान के अलग-अलग शहरों में महिलाओं ने समूह बनाकर करवा चौथ की पूजा की। महिलाओं ने एक साथ बैठकर पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना की और करवा चौथ की कथा सुनी। पूजा के बाद कई जगह महिलाओं ने संगीत पर डांस किया और एक-दूसरे को पर्व की शुभकामनाएं दीं।
वीडियो कॉल पर दूसरे शहरों में चांद देखकर खोला व्रत
बादलों और बारिश के कारण कुछ स्थानों पर चांद के दर्शन करना मुश्किल रहा। ऐसे में कई महिलाओं ने दूसरे शहरों में रहने वाले परिजनों को वीडियो कॉल किया। वहां दिखाई दे रहे चांद को देखकर महिलाओं ने अर्घ्य दिया और व्रत खोला। इस तरह तकनीक ने भी करवा चौथ की परंपरा निभाने में मदद की। मौसम की बाधाओं के बावजूद प्रदेशभर में महिलाओं ने पूरे उत्साह और आस्था के साथ पर्व मनाया।
