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विश्वेंद्र सिंह का डोटासरा पर तीखा हमला, बोले- मूक-बधिर बने बैठे हैं; जनता दोनों जिलाध्यक्षों को राजनीतिक रूप से दफनाने को तैयार

विश्वेंद्र सिंह का डोटासरा पर तीखा हमला, बोले- मूक-बधिर बने बैठे हैं; जनता दोनों जिलाध्यक्षों को राजनीतिक रूप से दफनाने को तैयार
 
विश्वेंद्र सिंह का डोटासरा पर तीखा हमला, बोले- मूक-बधिर बने बैठे हैं; जनता दोनों जिलाध्यक्षों को राजनीतिक रूप से दफनाने को तैयार

राजस्थान में नगर निकाय चुनाव के नतीजों के बाद कांग्रेस के भीतर विवाद खुलकर सामने आने लगा है। भरतपुर और डीग में पार्टी के प्रदर्शन को लेकर पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता विश्वेंद्र सिंह ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और दोनों जिलाध्यक्षों पर तीखा हमला बोला है। विश्वेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए नगर निकाय चुनाव में हार के लिए संगठन के स्थानीय नेतृत्व को जिम्मेदार ठहराया और प्रदेश नेतृत्व की भूमिका पर भी सवाल उठाए।

विश्वेंद्र सिंह ने अपनी पोस्ट में आरोप लगाया कि भरतपुर-डीग में कांग्रेस की हार के पीछे टिकट वितरण की प्रक्रिया रही। उनका दावा है कि दोनों जिलाध्यक्षों ने अपने पसंदीदा लोगों को टिकट दिए और जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं को दरकिनार कर दिया। उन्होंने कहा कि जनता ने चुनाव में इसका जवाब दिया है।

डोटासरा पर क्या बोले विश्वेंद्र सिंह

विश्वेंद्र सिंह ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर भी निशाना साधते हुए उन्हें 'मूक-बधिर' बने बैठे होने की बात कही। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों जिलाध्यक्षों को प्रदेश नेतृत्व का संरक्षण मिल रहा है। अपनी पोस्ट में उन्होंने बेहद तीखी भाषा का इस्तेमाल करते हुए कहा कि जनता दोनों जिलाध्यक्षों और उन्हें बचाने वाले प्रदेश अध्यक्ष को राजनीतिक रूप से दफन करने के लिए तैयार है।

विश्वेंद्र सिंह ने यह भी कहा कि जब तक दोनों जिलाध्यक्ष अपने पदों पर बने रहेंगे, तब तक उनके मुताबिक कांग्रेस के लिए दोबारा मजबूती से खड़ा होना मुश्किल रहेगा। उन्होंने प्रदेश नेतृत्व से मामले पर ध्यान देने की अपील की।

भरतपुर में कांग्रेस के प्रदर्शन का मुद्दा

यह विवाद भरतपुर और डीग में हुए नगर निकाय चुनावों के नतीजों के बाद सामने आया है। रिपोर्टों के मुताबिक भरतपुर नगर निगम के 65 वार्डों में कांग्रेस को 7 सीटें मिलीं, जबकि बीजेपी ने 20 और निर्दलीय प्रत्याशियों ने 36 वार्डों में जीत दर्ज की। डीग नगर परिषद के 40 वार्डों में कांग्रेस का खाता नहीं खुला। इन नतीजों के बाद पार्टी के स्थानीय संगठन और टिकट वितरण को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

डोटासरा को भरतपुर आने की चुनौती

विश्वेंद्र सिंह ने अपने बयान में डोटासरा के भरतपुर आने को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि डोटासरा भरतपुर आने की कोशिश करें तो वह उनका स्वागत करेंगे। उन्होंने इस दौरान कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. चंद्रभान के पुराने संदर्भ का भी उल्लेख किया।

कांग्रेस की ओर से भी प्रतिक्रिया

विश्वेंद्र सिंह के बयान के बाद कांग्रेस के भीतर से प्रतिक्रिया सामने आई है। कांग्रेस के वॉर रूम चेयरमैन जसवंत गुर्जर ने उनके सोशल मीडिया पोस्ट पर आपत्ति जताई और कहा कि पार्टी के भीतर मुद्दे रखने के लिए संगठनात्मक मंच मौजूद हैं। उन्होंने निकाय चुनाव से जुड़े मामलों पर जिला स्तर से रिपोर्ट मांगे जाने की जानकारी भी दी।

विश्वेंद्र सिंह के इन बयानों के बाद भरतपुर-डीग में कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति को लेकर चर्चा तेज हो गई है। निकाय चुनाव के परिणाम, टिकट वितरण और स्थानीय संगठन की भूमिका को लेकर पार्टी के नेताओं के बीच मतभेद सार्वजनिक रूप से सामने आए हैं। आने वाले समय में प्रदेश नेतृत्व इस विवाद पर क्या रुख अपनाता है, इस पर नजर रहेगी।