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विश्वेंद्र सिंह ने कांग्रेस को कहा अलविदा, डोटासरा पर फिर साधा निशाना; वीडियो में जाने पार्टी ने जारी किया कारण बताओ नोटिस

विश्वेंद्र सिंह ने कांग्रेस को कहा अलविदा, डोटासरा पर फिर साधा निशाना; वीडियो में जाने पार्टी ने जारी किया कारण बताओ नोटिस
 
विश्वेंद्र सिंह ने कांग्रेस को कहा अलविदा, डोटासरा पर फिर साधा निशाना; वीडियो में जाने पार्टी ने जारी किया कारण बताओ नोटिस

राजस्थान कांग्रेस में चल रहा विवाद अब खुलकर सामने आ गया है। पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के खिलाफ लगातार बयानबाजी के बाद शुक्रवार को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कांग्रेस से अलग होने का ऐलान कर दिया। उन्होंने अपने पोस्ट में कहा कि उनका सार्वजनिक जीवन खुली किताब और बेदाग रहा है तथा वह अपने स्वाभिमान से समझौता नहीं कर सकते। हालांकि, कांग्रेस की ओर से शुरुआती तौर पर उनके इस्तीफे की औपचारिक पुष्टि नहीं की गई थी।

विश्वेंद्र सिंह ने अपनी पोस्ट में लिखा कि ऐसी परिस्थिति में दम घुटने से मरने के बजाय स्वाभिमान के साथ मरना बेहतर है। उन्होंने कहा कि उनके पुरखों ने कभी ऐसी चीजों से समझौता नहीं किया और उनके अनुसरण में वह कांग्रेस को अलविदा कहना बेहतर समझते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि शायद अब वह पार्टी की कथित गलत रीति-नीति के साथ कदमताल नहीं कर पाएंगे।

डोटासरा के खिलाफ लगातार बयानबाजी

विश्वेंद्र सिंह पिछले कुछ दिनों से गोविंद सिंह डोटासरा पर निशाना साध रहे थे। हालिया नगर निकाय चुनावों में कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर उन्होंने प्रदेश नेतृत्व पर सवाल उठाए थे और डोटासरा के इस्तीफे की मांग भी की थी। इसके बाद प्रदेश कांग्रेस की ओर से उनके खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश किए जाने की बात सामने आई थी।विश्वेंद्र सिंह ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में कुछ पार्टी नेताओं के बयानों पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि अगर सच बोलना और गलत या झूठी बातों का समर्थन नहीं करना पाप है, तो वह हर बार यह पाप करेंगे। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन और सिद्धांतों का भी उल्लेख किया।

डोटासरा बोले- सोशल मीडिया के आधार पर फैसला नहीं

विश्वेंद्र सिंह के पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा था कि उन्हें कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के आधार पर अंतिम फैसला नहीं लिया जा सकता और विश्वेंद्र सिंह की भावनाओं को भी समझना होगा। साथ ही उन्होंने पार्टी के जिलाध्यक्षों से भी बातचीत की बात कही।डोटासरा ने विश्वेंद्र सिंह को पार्टी का वरिष्ठ नेता बताते हुए कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान दोनों के बीच अच्छे संबंध रहे हैं। उनके मुताबिक, पिछले करीब ढाई साल से संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर दोनों के बीच बातचीत नहीं हुई थी।

कांग्रेस ने जारी किया कारण बताओ नोटिस

विश्वेंद्र सिंह के कांग्रेस से अलग होने के संकेत के कुछ ही घंटों बाद राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अनुशासन समिति ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया। नोटिस में कथित अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों को लेकर सात दिन में जवाब मांगा गया है। पार्टी ने यह भी पूछा है कि उनकी प्राथमिक सदस्यता समाप्त करने समेत अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों नहीं की जानी चाहिए।विश्वेंद्र सिंह ने नोटिस पर भी सोशल मीडिया के जरिए प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पार्टी अपने स्तर पर कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र है और वह भी अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर फैसला लेने के लिए स्वतंत्र हैं।

राजनीतिक भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज

विश्वेंद्र सिंह के कांग्रेस से अलग होने के बाद राजस्थान की राजनीति में उनके अगले कदम को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि, उन्होंने अपने अगले राजनीतिक कदम को लेकर कोई स्पष्ट घोषणा नहीं की है। फिलहाल कांग्रेस और विश्वेंद्र सिंह के बीच यह विवाद सार्वजनिक रूप से सामने आ चुका है और कारण बताओ नोटिस के जवाब के बाद पार्टी की आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी।