Aapka Rajasthan

राजस्थान में डिजिटल योजनाओं का लाभ लेने को ग्रामीण मजबूर हैं पेड़ और छत पर चढ़ने को

राजस्थान में डिजिटल योजनाओं का लाभ लेने को ग्रामीण मजबूर हैं पेड़ और छत पर चढ़ने को
 
राजस्थान में डिजिटल योजनाओं का लाभ लेने को ग्रामीण मजबूर हैं पेड़ और छत पर चढ़ने को

एक तरफ सरकार डिजिटल क्रांति को बढ़ावा देने के लिए नई-नई योजनाओं और सेवाओं को लागू कर रही है, वहीं दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क की समस्या इन योजनाओं के वास्तविक लाभ को प्रभावित कर रही है। जिले के मेडाऊपरला गांव की स्थिति इसका एक उदाहरण है, जहां ग्रामीणों को मोबाइल नेटवर्क खोजने के लिए छत या पेड़ पर चढ़ना पड़ता है।

ग्रामीणों ने बताया कि आजादी के बाद से लेकर आज तक गांव में मोबाइल नेटवर्क की समस्या बनी हुई है। “हम डिजिटल सेवाओं का लाभ उठाना चाहते हैं, लेकिन नेटवर्क न होने के कारण अक्सर परेशानी का सामना करना पड़ता है,” ग्रामीण रामलाल ने कहा। उन्होंने बताया कि कभी-कभी सरकारी पोर्टल या मोबाइल बैंकिंग सेवाओं तक पहुंचने के लिए उन्हें घर की छत या पास के ऊँचे पेड़ पर चढ़ना पड़ता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि मोबाइल नेटवर्क न होने से न केवल डिजिटल योजनाओं का लाभ लेने में कठिनाई होती है, बल्कि आपातकालीन समय में संपर्क साधना भी मुश्किल हो जाता है। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य और वित्तीय लेनदेन सहित कई अहम सेवाओं पर असर पड़ता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, डिजिटल योजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी सेवाओं को सीधे नागरिकों तक पहुंचाना है। लेकिन नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी इन पहलों को धरातल पर उतारने में बड़ी बाधा बन रही है। दूरदराज के गांवों में इंटरनेट और मोबाइल नेटवर्क की उचित सुविधा न होने से सरकार की डिजिटल पहल अधूरी रह जाती है।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और मोबाइल सेवा प्रदाताओं से अपील की है कि मेडाऊपरला और आसपास के इलाकों में नेटवर्क की समस्या का समाधान किया जाए। उनका कहना है कि यदि नेटवर्क उपलब्ध हो जाए, तो गांव में शिक्षा, स्वास्थ्य और बैंकिंग जैसी सेवाओं का लाभ आसानी से लिया जा सकता है।

इस बीच, अधिकारियों का कहना है कि दूरस्थ क्षेत्रों में नेटवर्क पहुंचाने के लिए विभिन्न तकनीकी विकल्पों पर काम चल रहा है। टॉवर निर्माण और नेटवर्क विस्तार की योजनाएं तैयार हैं, लेकिन कार्यान्वयन में समय लग सकता है।

मेडाऊपरला की यह समस्या सिर्फ़ इस गांव तक सीमित नहीं है। राज्य के कई दूरदराज के क्षेत्रों में डिजिटल सुविधाओं का लाभ उठाने में इसी तरह की बाधाएं सामने आ रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल इंडिया का सपना तभी साकार हो पाएगा जब दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क की समस्या का स्थायी समाधान हो।