चंडीगढ़ में नशे में धुत डिलीवरी बॉय का वीडियो वायरल, पुलिस ने किया गिरफ्तार
सेक्टर 33 के रिहायशी इलाके में एक डिलीवरी बॉय नशे में धुत अवस्था में सड़क पर खड़ा दिखाई दिया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में देखा जा सकता है कि युवक इतनी अधिक नशे में था कि एक कदम भी आगे नहीं बढ़ा पा रहा था। उसके मुंह में बीड़ी फंसी हुई थी और वह लाइटर तक नहीं जला पा रहा था।
वीडियो की लंबाई लगभग 23 सेकंड है, जिसमें वह सड़क किनारे करीब ढाई घंटे तक खड़ा रहा। डिलीवरी बॉय का बैग ब्लिंकिट का था। राहगीरों और आसपास के लोगों ने देखा कि युवक ठीक से खड़ा भी नहीं हो पा रहा था और उसकी असामान्य हालत देखकर लोगों को शक हुआ कि वह मादक पदार्थों के प्रभाव में है।
स्थानीय लोगों ने पुलिस को तुरंत सूचना दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और युवक को अपने साथ ले गई। घटना मंगलवार (24 मार्च) की बताई जा रही है। इस बीच, कुछ लोगों ने युवक की स्थिति का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर दिया, जो तेजी से वायरल हो गया।
पुलिस के अनुसार, युवक की हालत देखकर यह साफ था कि वह नशे में था और उसे तत्काल मेडिकल और कानूनी मदद की आवश्यकता थी। पुलिस ने युवक से पूछताछ की और उसकी पहचान की पुष्टि की। इसके बाद उसे नशा मुक्ति और कानूनी प्रक्रिया के लिए संबंधित विभाग के हवाले किया गया।
विशेषज्ञों का कहना है कि डिलीवरी कर्मियों के बीच लंबे समय तक काम करने और दबाव में रहने के कारण कई बार नशे जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, सड़क पर ऐसे नशे में धुत होकर खड़े रहना न केवल व्यक्ति के लिए बल्कि राहगीरों के लिए भी खतरे की स्थिति पैदा कर सकता है।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। अधिकांश लोगों ने कहा कि यह घटना चेतावनी के रूप में काम करती है और जरूरी है कि डिलीवरी सेवा कंपनियों और प्रशासन की ओर से कर्मचारियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य पर ध्यान दिया जाए।
इस मामले ने यह भी उजागर किया कि नशे के चलते सड़क पर खड़े रहना और सार्वजनिक स्थानों पर असामान्य व्यवहार करना गंभीर सुरक्षा और सामाजिक चिंता का विषय है। पुलिस ने कहा कि भविष्य में ऐसे मामलों में तुरंत कार्रवाई की जाएगी और लोगों से अपील की है कि वे ऐसे मामलों की सूचना पुलिस को दें।
चंडीगढ़ पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि वायरल वीडियो के आधार पर युवक के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि डिलीवरी कंपनियों को चाहिए कि वे अपने कर्मचारियों की शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान दें और उन्हें नशे जैसी आदतों से दूर रहने के लिए प्रशिक्षित करें।
इस तरह, सेक्टर 33 की यह घटना न केवल वायरल वीडियो के कारण सुर्खियों में आई, बल्कि इसने सार्वजनिक सुरक्षा, नशा नियंत्रण और डिलीवरी कर्मियों के स्वास्थ्य के महत्व को भी उजागर किया है।
