वीडियो में देखें आईआईटी जोधपुर में बढा विवाद, डायरेक्टर और एसोसिएट प्रोफेसर के बीच जमकर मारपीट, प्रोफेसर गिरफ्तार
देश के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों में गिने जाने वाले आईआईटी जोधपुर में बुधवार को उस समय हंगामा खड़ा हो गया जब डायरेक्टर और एक एसोसिएट प्रोफेसर के बीच मारपीट की घटना सामने आई। मामला इतना बढ़ा कि पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा और आरोपित एसोसिएट प्रोफेसर को गिरफ्तार कर लिया गया। इस घटना ने न केवल संस्थान बल्कि शैक्षणिक जगत में भी हलचल मचा दी है।
जानकारी के अनुसार, आईआईटी जोधपुर में विभागीय मीटिंग चल रही थी। इसी दौरान किसी मुद्दे पर डायरेक्टर और एसोसिएट प्रोफेसर के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। आरोप है कि गुस्से में आए प्रोफेसर ने गाली-गलौज करते हुए डायरेक्टर पर जानलेवा हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि उन्होंने न सिर्फ हाथापाई की बल्कि वहां मौजूद अन्य कर्मचारियों को भी धमकाया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब एक कर्मचारी ने डायरेक्टर का बचाव करने की कोशिश की तो एसोसिएट प्रोफेसर ने उसे भी मारने की धमकी दी। इतना ही नहीं, उन्होंने कर्मचारी और उसके परिवार को खत्म करने की बात भी कही। घटना की गंभीरता को देखते हुए तुरंत पुलिस को बुलाया गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हालात को काबू में किया और आरोपित प्रोफेसर को हिरासत में ले लिया। बाद में उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया।
घटना के बाद संस्थान में तनाव का माहौल है। आईआईटी जोधपुर प्रशासन ने मामले की आंतरिक जांच के आदेश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी प्रकार की हिंसा और अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वहीं, पुलिस ने भी बताया कि शिकायत दर्ज कर ली गई है और मामले की गहन जांच की जाएगी।
इस घटना ने शिक्षाविदों और छात्रों के बीच चिंता पैदा कर दी है। आईआईटी जैसे उच्चस्तरीय संस्थान में इस तरह का विवाद सामने आना शैक्षणिक वातावरण के लिए गंभीर सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि संस्थान में मतभेदों को सुलझाने का रास्ता संवाद और संयम होना चाहिए, न कि हिंसा।
एसोसिएट प्रोफेसर की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मीटिंग के दौरान विवाद किस कारण से इतना बढ़ा कि नौबत मारपीट तक पहुंच गई। वहीं, आरोपी प्रोफेसर के खिलाफ धमकी देने, गाली-गलौज करने और मारपीट करने की धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
आईआईटी जोधपुर प्रशासन ने छात्रों और कर्मचारियों को आश्वस्त किया है कि उनकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। साथ ही, यह भी कहा गया है कि जांच पूरी होने के बाद दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
