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वीडियो! डेढ़ महीने बाद IGNP में पहुंचा पानी, 10,800 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, सूरतगढ़ में किसानों के चेहरों पर लौटी मुस्कान

वीडियो! डेढ़ महीने बाद IGNP में पहुंचा पानी, 10,800 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, सूरतगढ़ में किसानों के चेहरों पर लौटी मुस्कान
 
वीडियो! डेढ़ महीने बाद IGNP में पहुंचा पानी, 10,800 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, सूरतगढ़ में किसानों के चेहरों पर लौटी मुस्कान

करीब डेढ़ महीने की लंबी नहरबंदी के बाद आखिरकार रविवार को Indira Gandhi Canal Project का पानी सूरतगढ़ क्षेत्र में पहुंच गया। नहर में पानी आने से किसानों और क्षेत्रवासियों ने राहत की सांस ली है। लंबे इंतजार के बाद दोपहर में पानी सूरतगढ़-बीकानेर नेशनल हाईवे-62 स्थित मुख्य पुल 236 आरडी को पार कर गया।

नहर में पानी पहुंचते ही इलाके में खुशी का माहौल देखने को मिला। बड़ी संख्या में किसान और स्थानीय लोग नहर किनारे पहुंचे और बहते पानी को देखकर उत्साहित नजर आए। कई किसानों ने इसे खेती और पेयजल व्यवस्था के लिए बड़ी राहत बताया।

दरअसल, मरम्मत और रखरखाव कार्यों के चलते पिछले करीब डेढ़ महीने से नहरबंदी लागू थी। इस दौरान क्षेत्र में सिंचाई और पेयजल को लेकर लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। खासतौर पर किसानों को फसलों और आगामी बुवाई को लेकर चिंता सताने लगी थी।

अब नहर में पानी पहुंचने के साथ ही खेतों तक सिंचाई व्यवस्था दोबारा शुरू होने की उम्मीद बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि समय पर पानी मिलने से फसलों को फायदा होगा और खेती संबंधी कार्यों में तेजी आएगी। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट से भी राहत मिलने की संभावना जताई जा रही है।

स्थानीय प्रशासन और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने भी नहर में पानी पहुंचने की पुष्टि की है। अधिकारियों के मुताबिक, चरणबद्ध तरीके से अलग-अलग क्षेत्रों तक पानी पहुंचाया जाएगा ताकि सिंचाई और पेयजल आपूर्ति सुचारु रूप से संचालित हो सके।

सूरतगढ़ और आसपास के इलाकों में इंदिरा गांधी नहर परियोजना को जीवनरेखा माना जाता है। कृषि और पेयजल की बड़ी जरूरतें इसी नहर पर निर्भर हैं। ऐसे में नहरबंदी समाप्त होने और पानी पहुंचने से लोगों को बड़ी राहत मिली है।

नहर में बहते पानी को देखने के लिए कई लोग पुल और नहर किनारे पहुंचते नजर आए। लंबे समय बाद नहर में पानी आने से पूरे क्षेत्र में उत्साह और संतोष का माहौल बना हुआ है।