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विधानसभा में जर्जर स्कूल भवनों पर हंगामा, दो मिनट के वीडियो में देंखे शिक्षा मंत्री ने किया मरम्मत और ऑडिट का आश्वासन

विधानसभा में जर्जर स्कूल भवनों पर हंगामा, दो मिनट के वीडियो में देंखे शिक्षा मंत्री ने किया मरम्मत और ऑडिट का आश्वासन
 
विधानसभा में जर्जर स्कूल भवनों पर हंगामा, दो मिनट के वीडियो में देंखे शिक्षा मंत्री ने किया मरम्मत और ऑडिट का आश्वासन

राजस्थान विधानसभा में आज प्रश्नकाल के दौरान जर्जर स्कूल भवनों को लेकर जोरदार हंगामा देखने को मिला। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य के कई स्कूल भवन जर्जर हालत में हैं, लेकिन सरकार का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। उन्होंने कहा कि कई जगह स्कूल के लिए मंदिरों और मुर्गी फार्म जैसी असुविधाजनक जगहों का उपयोग किया जा रहा है।

टीकाराम जूली की इस टिप्पणी के बाद सदन में तीखी बहस शुरू हो गई। उन्होंने सवाल किया कि बच्चों की शिक्षा और उनकी सुरक्षा के लिए सरकार कब ठोस कदम उठाएगी। उनके इस आरोप पर सदन में कुछ देर हंगामा भी हुआ।

इस पर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने जवाब देते हुए कहा कि जितने भी जर्जर स्कूल भवन हैं, उनको जल्द ही जमींदोज किया जाएगा। मंत्री ने आश्वस्त किया कि किसी भी भवन की हालत परीक्षा और बच्चों की सुरक्षा को खतरे में नहीं डालेगी। उन्होंने कहा कि सरकार यह तय कर रही है कि कौन-कौन सी बिल्डिंग कब जमींदोज की जाएगी और मरम्मत का काम कब पूरा होगा।

मदन दिलावर ने बताया कि इस बार स्कूल भवनों की थर्ड पार्टी ऑडिट प्रक्रिया को और सख्त किया जाएगा। पहले 30 करोड़ रुपये तक के भवनों की ही थर्ड पार्टी ऑडिट होती थी, लेकिन अब सभी स्कूल भवनों का पॉलिटेक्निक कॉलेज से ऑडिट करवाया जाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि निर्माण और मरम्मत का काम सही तरीके से हो रहा है या नहीं।

उन्होंने कहा, “हमने अंतिम तिथियां तय कर दी हैं, ताकि जिम्मेदार अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश हों कि किस बिल्डिंग की मरम्मत या निर्माण कब तक पूरा करना है। इससे सरकार को भी पता रहेगा कि कौनसी बिल्डिंग कब तक जमींदोज या ठीक की जाएगी।”

शिक्षा मंत्री ने यह भी बताया कि वार्षिक परीक्षा नजदीक होने के कारण किसी भी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी।

टीकाराम जूली ने कहा कि पिछले कई सालों से स्कूल भवनों की स्थिति चिंताजनक रही है और कई बार समस्या उठाने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अब सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से लेगी।

मंत्री ने सदन में यह भी कहा कि अब से सभी मरम्मत और निर्माण का काम पारदर्शिता के साथ होगा। थर्ड पार्टी ऑडिट से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी निर्माण अधूरा या घटिया सामग्री से न हो।

इस तरह, विधानसभा में जर्जर स्कूल भवनों को लेकर हुए हंगामे के बाद शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट कर दिया कि जल्द ही सभी जर्जर भवनों की मरम्मत और निर्माण का काम शुरू होगा और बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी।

राज्य में शिक्षा क्षेत्र में इस कदम को स्वागत योग्य बताया जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि थर्ड पार्टी ऑडिट और मरम्मत के लिए तय समय सीमा से स्कूल भवनों की गुणवत्ता और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।