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SMS अस्पताल में गर्भवती मरीज को लेकर हंगामा, वीडियो में देंखे इमरजेंसी गेट पर ऑक्सीजन के लिए जूझते रहे परिजन

SMS अस्पताल में गर्भवती मरीज को लेकर हंगामा, वीडियो में देंखे इमरजेंसी गेट पर ऑक्सीजन के लिए जूझते रहे परिजन
 
SMS अस्पताल में गर्भवती मरीज को लेकर हंगामा, वीडियो में देंखे इमरजेंसी गेट पर ऑक्सीजन के लिए जूझते रहे परिजन

सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल में बुधवार दोपहर एक गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया, जहां इमरजेंसी गेट पर एक गर्भवती महिला को समय पर ऑक्सीजन सपोर्ट नहीं मिल पाया। करीब 10 मिनट तक मरीज और परिजन ऑक्सीजन सिलेंडर व वार्ड बॉय की मदद का इंतजार करते रहे, जिससे स्थिति और अधिक गंभीर हो गई।जानकारी के अनुसार, चांदपोल स्थित जनाना अस्पताल से महिला को कोमा की स्थिति में वेंटिलेटर सपोर्ट पर SMS अस्पताल रेफर किया गया था। दोपहर लगभग 3 बजे जब मरीज को इमरजेंसी गेट पर लाया गया, तब तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध नहीं हो सकी।

स्थिति बिगड़ती देख परिजनों में नाराजगी फैल गई और उन्होंने मौके पर हंगामा शुरू कर दिया। इस दौरान मरीज को लेकर आए रेजिडेंट डॉक्टर को खुद एम्बू बैग के सहारे महिला की सांसें बनाए रखनी पड़ीं, ताकि उसकी स्थिति स्थिर रहे।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, डॉक्टर लगातार इमरजेंसी स्टाफ से ऑक्सीजन सिलेंडर और वार्ड बॉय भेजने की अपील करते रहे, लेकिन शुरुआती कुछ मिनटों तक कोई त्वरित प्रतिक्रिया नहीं मिली। इस देरी ने परिजनों और मेडिकल स्टाफ के बीच तनाव की स्थिति पैदा कर दी।

घटना के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। परिजनों ने आरोप लगाया कि यदि समय पर ऑक्सीजन सपोर्ट मिल जाता तो मरीज की स्थिति को और बेहतर तरीके से संभाला जा सकता था।वहीं, अस्पताल प्रशासन की ओर से मामले की जांच की बात कही जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि घटना के कारणों की समीक्षा की जाएगी और यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मरीज का इलाज जारी है और उसकी स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। यह मामला एक बार फिर सरकारी अस्पतालों में इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है।