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खाटूश्यामजी के मंदिर में विदेशी श्रद्धालु की अनोखी पूजा! अमेरिकी डॉलर की माला से हुआ भव्य श्रृंगार

खाटूश्यामजी के मंदिर में विदेशी श्रद्धालु की अनोखी पूजा! अमेरिकी डॉलर की माला से हुआ भव्य श्रृंगार
 
खाटूश्यामजी के मंदिर में विदेशी श्रद्धालु की अनोखी पूजा! अमेरिकी डॉलर की माला से हुआ भव्य श्रृंगार

विश्व प्रसिद्ध खाटूश्याम जी देश के प्रमुख मंदिरों में से एक है। लाखों भक्त श्याम के दरबार में उनके दर्शन के लिए आते हैं। इस मंदिर में देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी भक्त आते हैं। उनके दरबार में आने वाले भक्तों का मानना है कि यहाँ मांगी गई हर मुराद पूरी होती है। बाबा श्याम के प्रति भक्ति का यह अनूठा उदाहरण हाल ही में देखने को मिला, जब विदेश से आए एक भक्त ने बाबा को अमेरिकी डॉलर से बनी माला भेंट की। जानकारी के अनुसार, अमेरिका में व्यापार करने वाले इस भक्त की बाबा श्याम में गहरी आस्था है। उन्होंने विशेष रूप से अमेरिकी डॉलर से माला तैयार करवाई और अमेरिका से सीधे खाटू श्याम जी मंदिर भिजवाई। बाबा के दरबार पहुँचकर उन्होंने यह अनोखी माला चौखट पर अर्पित की। इसके बाद मंदिर के पुजारियों ने बाबा के श्रृंगार के दौरान उन्हें यह माला पहनाई। यह माला कुछ देर तक बाबा के श्रृंगार का हिस्सा रही, जिसे देखकर भक्त भावुक हो गए।

डॉलर से सजे बाबा श्याम को भक्तों ने खूब पसंद किया।

भारतीय मुद्रा में इस माला की कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है। मंदिर में मौजूद भक्त भी बाबा श्याम के इस विशेष श्रृंगार को देखकर बेहद खुश हुए और उन्होंने अपने फोन में बाबा के इस श्रृंगार की तस्वीरें और वीडियो बनाए। डॉलर से सजे बाबा श्याम जी की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहे हैं।

जानिए कौन हैं बाबा श्याम?

हारे का सहारा कहे जाने वाले बाबा श्याम को भगवान कृष्ण का अवतार माना जाता है। मान्यता है कि महाभारत युद्ध के दौरान भीम के पौत्र बर्बरीक, जिनके पास तीन दिव्य बाण थे, जो पूरे युद्ध का परिणाम बदलने की शक्ति रखते थे, कौरवों की ओर से युद्ध में शामिल होने जा रहे थे। बर्बरीक की इस अद्वितीय शक्ति की परीक्षा लेने और संतुलन बनाए रखने के लिए भगवान कृष्ण ब्राह्मण वेश में बर्बरीक से मिले। बातचीत के दौरान भगवान कृष्ण ने बर्बरीक से उसका शीश दान में मांग लिया। बिना किसी संकोच और दुविधा के बर्बरीक ने अपनी भक्ति और वीरता का परिचय देते हुए अपना शीश भगवान कृष्ण को समर्पित कर दिया। इस बलिदान से प्रसन्न होकर भगवान कृष्ण ने बर्बरीक को आशीर्वाद दिया और कहा, कलियुग में तुम श्याम नाम से पूजे जाओगे। लोग तुम्हें मेरे नाम से पुकारेंगे और तुम अपने भक्तों का सहारा बनोगे। तब से, भक्तजन प्रेम, भक्ति और विश्वास के साथ बाबा श्याम की पूजा करते हैं।