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झुंझुनू में केन्द्रीय मंत्री राजेन्द्र सिंह राठौड़ ने किया नंदू सिंह शेखावत की मूर्ति का अनावरण, लीक्ड फुटेज में देखे जोशीला भाषण

झुंझुनू में केन्द्रीय मंत्री राजेन्द्र सिंह राठौड़ ने किया नंदू सिंह शेखावत की मूर्ति का अनावरण, लीक्ड फुटेज में देखे जोशीला भाषण
 
झुंझुनू में केन्द्रीय मंत्री राजेन्द्र सिंह राठौड़ ने किया नंदू सिंह शेखावत की मूर्ति का अनावरण, लीक्ड फुटेज में देखे जोशीला भाषण

राजस्थान के झुंझुनूं जिले में शहीद नंदू सिंह शेखावत की मूर्ति का अनावरण समारोह बड़े धूमधाम के साथ आयोजित किया गया। इस अवसर पर जिलेभर से लोग मौजूद रहे और शहीद की वीरता तथा देशभक्ति को याद किया गया। समारोह की शुरुआत पुष्पांजलि अर्पित करने से हुई, जिसके बाद श्रद्धालुओं और स्थानीय प्रशासन ने शहीद के बलिदान को सलाम किया।

मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे राजेन्द्र सिंह राठौड़ ने इस अवसर पर एक जोशीला भाषण दिया। अपने भाषण में उन्होंने नंदू सिंह शेखावत की वीरता और देश के प्रति उनके अदम्य समर्पण का उल्लेख किया। राठौड़ ने कहा कि ऐसे शहीद हमारे लिए प्रेरणा हैं और उनके बलिदान को हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे देशभक्ति और सेवा के मार्ग पर चलें और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए आगे आएं।

राजेन्द्र सिंह राठौड़ ने अपने भाषण में यह भी कहा कि नंदू सिंह शेखावत जैसे वीरों के बलिदान को सिर्फ सम्मान देने भर से काम नहीं चलेगा, बल्कि उनकी सोच और साहस से युवाओं को प्रेरित किया जाना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह मूर्ति केवल शहीद की यादगार नहीं बल्कि हर नागरिक के लिए साहस और नैतिकता की मिसाल है। उनके शब्दों में जोश और गर्व साफ झलक रहा था, जिसने समारोह में उपस्थित लोगों को भावविभोर कर दिया।

समारोह में विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। स्कूली बच्चों और स्थानीय कलाकारों ने शहीद के जीवन पर आधारित नाटक और कविताओं के माध्यम से उनकी वीरता को दर्शाया। लोगों ने जोरदार तालियों और जयकारों से शहीद नंदू सिंह शेखावत के सम्मान में अपनी श्रद्धांजलि दी। समारोह के दौरान कई नेताओं और नागरिकों ने शहीद की प्रतिमा के सामने पुष्प अर्पित किए और उनके परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर उन्हें सम्मानित किया।

अनावरण समारोह में शहीद नंदू सिंह शेखावत की मूर्ति का खुलासा एक ऐतिहासिक क्षण के रूप में याद किया गया। मूर्ति का निर्माण कला और सटीकता का नमूना था, जिसमें शहीद की वीरता और व्यक्तित्व को भव्यता के साथ दर्शाया गया था। समारोह के अंत में राठौड़ ने उपस्थित लोगों को आह्वान किया कि वे शहीद की तरह अपने कर्तव्यों और नैतिक जिम्मेदारियों का पालन करें और देश की सेवा में हमेशा तत्पर रहें।