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उम्मेद राम बेनीवाल ने लोकसभा में शिक्षा नीति पर उठाए गंभीर सवाल, रेगिस्तानी जिलों में स्कूल छोड़ने की समस्या को बताया चिंताजनक

उम्मेद राम बेनीवाल ने लोकसभा में शिक्षा नीति पर उठाए गंभीर सवाल, रेगिस्तानी जिलों में स्कूल छोड़ने की समस्या को बताया चिंताजनक
 
उम्मेद राम बेनीवाल ने लोकसभा में शिक्षा नीति पर उठाए गंभीर सवाल, रेगिस्तानी जिलों में स्कूल छोड़ने की समस्या को बताया चिंताजनक

बाड़मेर-जैसलमेर के सांसद उम्मेद राम बेनीवाल ने लोकसभा में तारांकित प्रश्न के उत्तर के दौरान केंद्र सरकार की शिक्षा नीतियों पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि सरकारी आंकड़े केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं रह सकते, बल्कि जमीनी हकीकत को भी दर्शाना चाहिए।

बेनीवाल ने विशेष रूप से रेगिस्तानी और सीमावर्ती जिलों में बच्चों के बड़े पैमाने पर स्कूल छोड़ने की समस्या को उजागर किया। उन्होंने कहा कि यह शिक्षा की कड़वी सच्चाई है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। सांसद ने जोर देकर कहा कि बच्चों की स्कूल उपस्थिति और शिक्षा स्तर सुधारने के लिए केंद्र और राज्य सरकार को मिलकर ठोस कदम उठाने होंगे।

सांसद ने कहा कि शिक्षा में सुधार केवल भवन और संसाधनों तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षकों की तैनाती, स्कूल पहुंच, गुणवत्ता और बच्चों की सुरक्षा पर भी ध्यान देना जरूरी है। उन्होंने प्रस्तावित योजनाओं और नीतियों के असर और उनके कार्यान्वयन पर भी सवाल उठाए।

बेनीवाल की तीखी टिप्पणियों के बाद चर्चा में अन्य सांसदों ने भी सीमावर्ती जिलों की शिक्षा स्थिति पर चिंता व्यक्त की। उनके बयान ने यह संकेत दिया कि देश के दूरदराज और रेगिस्तानी क्षेत्रों में शिक्षा की वास्तविक स्थिति अभी भी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।