उल्लास–नव भारत साक्षरता कार्यक्रम: हजारों नवसाक्षरों ने पहली बार दी परीक्षा, जिले में उत्साह का माहौल
हाथ में पेन, चेहरे पर हल्की घबराहट और मन में कुछ कर दिखाने का उत्साह—रविवार को जिले के कई परीक्षा केंद्रों पर ऐसा ही प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला। उल्लास–नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत आयोजित बेसिक साक्षरता मूल्यांकन परीक्षा–2026 के दूसरे चरण में हजारों नवसाक्षर पहली बार परीक्षा देने पहुंचे।
इस पहल के तहत उन लोगों को साक्षरता का प्रमाण देने का अवसर मिला, जिन्होंने हाल ही में पढ़ना-लिखना सीखा है। परीक्षा केंद्रों पर सुबह से ही हलचल शुरू हो गई थी। नवसाक्षरों में परीक्षा को लेकर उत्साह के साथ-साथ हल्की घबराहट भी देखने को मिली, लेकिन अपने प्रयासों पर भरोसा करते हुए उन्होंने आत्मविश्वास के साथ परीक्षा दी।
यह कार्यक्रम उल्लास–नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत संचालित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य देश में निरक्षरता को खत्म करना और हर व्यक्ति को साक्षर बनाना है। इस योजना के माध्यम से न केवल शिक्षा को बढ़ावा मिल रहा है, बल्कि समाज में आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास भी बढ़ रहा है।
परीक्षा केंद्रों पर विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं, ताकि नवसाक्षरों को किसी प्रकार की कठिनाई न हो। शिक्षकों और पर्यवेक्षकों ने प्रतिभागियों को सहज माहौल देने का प्रयास किया, जिससे वे बिना किसी दबाव के अपनी परीक्षा दे सकें।
इस कार्यक्रम में भाग लेने वाले कई लोगों के लिए यह जीवन का पहला अनुभव था, जब उन्होंने परीक्षा दी। उनके लिए यह केवल एक परीक्षा नहीं, बल्कि अपने जीवन में नई शुरुआत और आत्मसम्मान का प्रतीक भी है।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की परीक्षाओं से साक्षरता अभियान को गति मिलती है और अधिक से अधिक लोग शिक्षा के प्रति जागरूक होते हैं। यह पहल ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव ला रही है।
कुल मिलाकर, नवसाक्षरों की यह परीक्षा न केवल उनके जीवन में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह समाज में शिक्षा के महत्व को भी दर्शाती है। अब इन नवसाक्षरों के परिणाम आने के बाद उनके सशक्त और शिक्षित भविष्य की दिशा में एक और कदम आगे बढ़ेगा।
