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उदयपुर में महिला नेता का ब्लैकमेल मामला: पुलिस कार्रवाई का वीडियो हुआ वायरल, सवाल खड़ा हुए

उदयपुर में महिला नेता का ब्लैकमेल मामला: पुलिस कार्रवाई का वीडियो हुआ वायरल, सवाल खड़ा हुए
 
उदयपुर में महिला नेता का ब्लैकमेल मामला: पुलिस कार्रवाई का वीडियो हुआ वायरल, सवाल खड़ा हुए

उदयपुर में 11 फरवरी को बीजेपी की महिला नेता द्वारा वकील पर आपत्तिजनक वीडियो से ब्लैकमेल करने के आरोप लगाए जाने के बाद, उसी रात की पुलिस कार्रवाई का वीडियो सोमवार को सार्वजनिक हुआ। वीडियो में कुछ युवक हथियार—हथौड़ा और सब्बल—लेकर घर की ओर जाते दिखाई दे रहे हैं।

वीडियो में गिरवा गोपाल चंदेल भी नजर आ रहे हैं। उनके साथ पुलिस के जवान और एक छोटी कद का सूट-बूट पहने व्यक्ति भी दिखाई दे रहा है, जो घर की तरफ बढ़ रहा है। फुटेज ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर उस हाई-प्रोफाइल मामले को लेकर जिस पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए थे।

वीडियो में स्पष्ट दिख रहा है कि दो लड़के हथौड़ा और सब्बल लेकर आते हैं। उनके साथ एक पुलिसकर्मी वर्दी में मौजूद रहता है। इसके बाद ये दोनों लड़के सूट-बूट वाले व्यक्ति के साथ गली में बैठ जाते हैं। इस दृश्य ने आम जनता और राजनीतिक हलकों में कई तरह की बहस शुरू कर दी है।

सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि सब्बल और हथौड़ा लेकर आ-जा रहे ये युवक कौन थे। क्या वे पुलिस के साथ ही थे, या स्वतंत्र रूप से आ रहे थे? अगर पुलिस के साथ नहीं थे तो उनके खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई। इस वीडियो ने मामले में पारदर्शिता और कार्रवाई के तरीके को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस तरह के हाई-प्रोफाइल मामले में वीडियो के सार्वजनिक होने से प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई पर नजरें तेज हो जाती हैं। वहीं, विपक्ष इस मामले को लेकर सख्त रुख अपनाने की संभावना जता रहा है। टीकाराम जूली ने पहले ही आरोप लगाए थे कि महिला नेता का मामला राजनीतिक रंग ले चुका है और इसमें उचित जांच होनी चाहिए।

स्थानीय पुलिस ने अब तक वीडियो को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और वीडियो का अध्ययन कर सही कार्रवाई की जाएगी। वहीं सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से वायरल हो गया है और लोग इस घटना की सच्चाई जानने के लिए इंतजार कर रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में वीडियो फुटेज के जरिए सच सामने आ सकता है, लेकिन इसे न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा बनाने के लिए गंभीर जांच और पारदर्शिता जरूरी है। जनता और राजनीतिक दलों की निगाहें अब पुलिस कार्रवाई और जांच की दिशा पर टिकी हुई हैं।

कुल मिलाकर, उदयपुर के इस हाई-प्रोफाइल ब्लैकमेल मामले में वायरल वीडियो ने नए सवाल खड़े कर दिए हैं। सब्बल और हथौड़ा लेकर आने वाले युवकों की पहचान, उनकी पुलिस के साथ या बिना पुलिस के आने-जाने की वजह और भविष्य की कार्रवाई पर सबकी नजरें लगी हुई हैं।