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‘उदयपुर फाइल्स’ विवाद पर मंत्री हेमंत मीणा का बचाव, फुटेज में देंखे बोले- शहर को बदनाम करने की साजिश

‘उदयपुर फाइल्स’ विवाद पर मंत्री हेमंत मीणा का बचाव, फुटेज में देंखे बोले- शहर को बदनाम करने की साजिश
 
‘उदयपुर फाइल्स’ विवाद पर मंत्री हेमंत मीणा का बचाव, फुटेज में देंखे बोले- शहर को बदनाम करने की साजिश

राजस्थान में पिछले एक महीने से चर्चा में चल रहे बीजेपी नेताओं के कथित वीडियोकांड ‘उदयपुर फाइल्स’ को लेकर सियासत तेज हो गई है। इस बीच राज्य के कैबिनेट मंत्री हेमंत मीणा ने इस पूरे मामले पर अजीबोगरीब तरीके से प्रतिक्रिया देते हुए इसे उदयपुर को बदनाम करने की साजिश करार दिया है।

उदयपुर जिला परिषद में आयोजित बैठक के दौरान प्रभारी मंत्री के रूप में मीडिया से बातचीत करते हुए हेमंत मीणा ने कहा कि “यह केवल उदयपुर को बदनाम करने का प्रयास है, इसके अलावा कुछ भी नहीं है।” हालांकि, इसी दौरान वे यह भी कहते रहे कि उन्हें इस मामले की पूरी जानकारी नहीं है और वे इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते।

मंत्री के इस विरोधाभासी बयान को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। एक ओर जहां उन्होंने मामले को सिरे से खारिज किया, वहीं दूसरी ओर जानकारी न होने की बात कहकर टिप्पणी से बचते नजर आए।

इस दौरान कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों पर भी मंत्री मीणा ने पलटवार किया। कांग्रेस का आरोप है कि राज्य सरकार ओबीसी आयोग के बहाने स्थानीय निकाय चुनावों को जानबूझकर टाल रही है। इस पर जवाब देते हुए मीणा ने कहा कि यदि कांग्रेस लिखित में दे दे कि बिना ओबीसी आयोग की रिपोर्ट के चुनाव कराए जा सकते हैं, तो सरकार इसके लिए पूरी तरह तैयार है।

उन्होंने कहा कि सरकार चुनाव कराने के पक्ष में है, लेकिन संवैधानिक प्रक्रिया और नियमों का पालन करना भी जरूरी है। बिना आयोग की रिपोर्ट के चुनाव कराना भविष्य में कानूनी विवाद खड़ा कर सकता है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ‘उदयपुर फाइल्स’ विवाद और ओबीसी चुनाव का मुद्दा आने वाले समय में राज्य की राजनीति में और गरमा सकता है। फिलहाल, मंत्री के बयान ने इस मामले को और चर्चा में ला दिया है।

इस पूरे घटनाक्रम पर अब सभी की नजरें टिकी हैं कि सरकार और विपक्ष इस मुद्दे को किस दिशा में आगे बढ़ाते हैं और क्या इस विवाद से कोई बड़ा राजनीतिक असर देखने को मिलता है।