उदयपुर में रिश्वतखोरी का बड़ा खुलासा, एसीबी ने कांस्टेबल और एसएचओ को किया गिरफ्तार
राजस्थान के Udaipur जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई सामने आई है। एंटी करप्शन ब्यूरो (Anti-Corruption Bureau Rajasthan) ने एक कांस्टेबल और थानाधिकारी (SHO) को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के अनुसार, एसीबी को लंबे समय से शिकायत मिल रही थी कि संबंधित थाना क्षेत्र में एक मामले को निपटाने और कार्रवाई में राहत देने के एवज में रिश्वत की मांग की जा रही थी। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने पूरे मामले का सत्यापन किया और इसके बाद ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई।
एसीबी टीम ने बुधवार को जाल बिछाकर कार्रवाई की और मौके से कांस्टेबल तथा थाना प्रभारी (SHO) दोनों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि यह रकम एक मामले में जांच को प्रभावित करने और आरोपी पक्ष को फायदा पहुंचाने के लिए ली जा रही थी।
गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है। एसीबी अधिकारियों के अनुसार, अब यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस पूरे मामले में और कोई पुलिसकर्मी या मध्यस्थ शामिल था, जो इस रिश्वतखोरी की प्रक्रिया में भूमिका निभा रहा था।
इस कार्रवाई के बाद स्थानीय पुलिस प्रशासन (Rajasthan Police) की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। हालांकि विभाग की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
सूत्रों के अनुसार, एसीबी अब दोनों अधिकारियों के बैंक लेन-देन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि रिश्वतखोरी का यह मामला केवल एक घटना है या किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा है।
घटना के बाद उदयपुर और आसपास के क्षेत्रों में यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। आम लोगों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से पुलिस व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने में मदद मिलेगी, लेकिन साथ ही ऐसे मामलों ने विभाग की छवि पर भी असर डाला है।
एसीबी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही या रिश्वतखोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
फिलहाल दोनों आरोपी अधिकारी गिरफ्तार हैं और मामले की विस्तृत जांच जारी है।
