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उदयपुर: यूरिया खाद की किल्लत पर किसानों का अनोखा प्रदर्शन, गधों को गुलाब जामुन खिलाए और तस्वीर पर माला चढ़ाई

उदयपुर: यूरिया खाद की किल्लत पर किसानों का अनोखा प्रदर्शन, गधों को गुलाब जामुन खिलाए और तस्वीर पर माला चढ़ाई
 
उदयपुर: यूरिया खाद की किल्लत पर किसानों का अनोखा प्रदर्शन, गधों को गुलाब जामुन खिलाए और तस्वीर पर माला चढ़ाई

उदयपुर में किसानों ने यूरिया खाद की बढ़ती किल्लत के खिलाफ अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। शहर के कृषि विभाग कार्यालय के बाहर किसानों ने गधों को गुलाब जामुन खिलाए और यूरिया बैग की तस्वीर पर माला चढ़ाकर ‘श्रद्धांजलि’ दी। इस प्रदर्शन ने न केवल प्रशासन का ध्यान खींचा, बल्कि आम लोगों में भी चर्चा का विषय बन गया।

किसानों का कहना है कि यूरिया खाद की लगातार कमी ने उनकी फसलों और खेती को गंभीर संकट में डाल दिया है। कई किसान अपने खेतों में समय पर यूरिया नहीं लगा पा रहे हैं, जिससे पैदावार प्रभावित हो रही है और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि यह प्रदर्शन उनकी पीड़ा और सरकार से तत्काल राहत की मांग को सामने लाने का प्रयास है।

प्रदर्शन के दौरान किसानों ने कहा, “हमने यह तरीका इसलिए अपनाया ताकि प्रशासन और जनता दोनों को हमारी समस्या का गंभीरता से एहसास हो। यूरिया खाद की कमी हमारे लिए सिर्फ खेती का सवाल नहीं, बल्कि जीविका का सवाल है। जब खेतों में उर्वरक नहीं मिलेगा तो फसल प्रभावित होगी और आर्थिक नुकसान बढ़ेगा।”

कृषि विभाग के अधिकारियों ने कहा कि वे किसानों की समस्या को समझते हैं और यूरिया खाद की उपलब्धता बढ़ाने के लिए आवश्यक कदम उठा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार ने पिछले कुछ हफ्तों में यूरिया की आपूर्ति बढ़ाने के निर्देश दिए हैं, लेकिन वितरण में कुछ देरी और प्रशासनिक अड़चनों के कारण अभी तक सभी किसानों तक यह पहुंच नहीं पाई है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यूरिया खाद की कमी केवल स्थानीय समस्या नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रीय स्तर पर कई राज्यों में देखी जा रही है। किसानों को तत्काल राहत और दीर्घकालिक समाधान दोनों की आवश्यकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि सरकारी नीतियों और वितरण प्रणाली में सुधार किया जाए ताकि इस प्रकार की किल्लत बार-बार न पैदा हो।

इस प्रदर्शन ने यह भी दिखाया कि किसान अपनी आवाज़ को अनोखे और प्रभावशाली तरीकों से उठाने के लिए नए प्रयोग कर रहे हैं। गधों को गुलाब जामुन खिलाने और यूरिया बैग की तस्वीर पर माला चढ़ाने जैसी रचनात्मक प्रदर्शन विधियों ने जनता और प्रशासन का ध्यान तुरंत खींचा।

स्थानीय लोगों ने भी प्रदर्शन की सराहना की और कहा कि यह न केवल किसानों की समस्याओं को उजागर करता है, बल्कि समाज में संवेदनशीलता बढ़ाने का काम करता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार जल्द ही इस मामले में ठोस कदम उठाएगी और यूरिया खाद की किल्लत का स्थायी समाधान निकालेगी।

उदयपुर के किसानों का यह अनोखा प्रदर्शन स्पष्ट संदेश देता है कि कृषि संकट और खाद की कमी जैसी समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। प्रशासन, किसान और जनता के सहयोग से ही इस समस्या का समाधान संभव है।