बाड़मेर की दो युवा बेटियों की राजनीति में एंट्री, सिविल सेवा की तैयारी छोड़ कांग्रेस के टिकट पर लड़ रहीं नगर परिषद चुनाव
राजस्थान के बाड़मेर जिले की दो युवतियों ने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के पारंपरिक रास्ते से आगे बढ़ते हुए अब राजनीति में कदम रखा है। अलीशा देव और खुशबू आचार्य पहली बार चुनावी मैदान में उतरी हैं। दोनों युवतियां बाड़मेर नगर परिषद चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर उम्मीदवार बनी हैं और जनता के बीच जाकर अपनी नई राजनीतिक पारी की शुरुआत कर रही हैं।
सिविल सेवा की तैयारी करने वाली इन दोनों युवतियों का मानना है कि प्रशासनिक सेवा के जरिए भी समाज की सेवा की जा सकती है, लेकिन राजनीति के माध्यम से सीधे जनता से जुड़कर स्थानीय समस्याओं के समाधान की दिशा में काम करने का अवसर मिलता है।
पढ़ाई से राजनीति तक का सफर
अलीशा देव और खुशबू आचार्य ने लंबे समय तक सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी की। इस दौरान उन्होंने शासन व्यवस्था, प्रशासन और जनहित से जुड़े मुद्दों को करीब से समझा। अब उन्होंने अपने अनुभव और शिक्षा का इस्तेमाल राजनीति के क्षेत्र में करने का फैसला लिया है।
दोनों उम्मीदवारों का कहना है कि राजनीति में आने का उद्देश्य केवल चुनाव जीतना नहीं, बल्कि शहर की समस्याओं को समझना और उनके समाधान के लिए काम करना है।
पहली बार चुनावी मैदान में उतरीं दोनों युवतियां
बाड़मेर नगर परिषद चुनाव में कांग्रेस ने दोनों युवा चेहरों पर भरोसा जताया है। टिकट मिलने के बाद दोनों प्रत्याशी अपने-अपने क्षेत्रों में जनसंपर्क कर रही हैं और लोगों से समर्थन मांग रही हैं।
पहली बार चुनाव लड़ने को लेकर दोनों में उत्साह भी है और जिम्मेदारी का एहसास भी। उनका कहना है कि युवाओं और महिलाओं की भागीदारी राजनीति में बढ़ना जरूरी है, ताकि नई सोच के साथ विकास के मुद्दों को आगे बढ़ाया जा सके।
स्थानीय मुद्दों पर रहेगा फोकस
चुनावी मैदान में उतरीं अलीशा देव और खुशबू आचार्य का फोकस शहर की मूलभूत समस्याओं पर है। इनमें साफ-सफाई, सड़क, पानी, शिक्षा, महिलाओं की सुरक्षा और युवाओं से जुड़े मुद्दे प्रमुख हैं।
दोनों प्रत्याशियों का कहना है कि नगर परिषद स्तर पर बेहतर काम करके लोगों का जीवन आसान बनाया जा सकता है। वे जनता के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुन रही हैं और उन्हें अपने चुनावी मुद्दों में शामिल कर रही हैं।
युवाओं और महिलाओं के लिए संदेश
राजनीति में कदम रखने वाली इन दोनों युवतियों की कहानी युवाओं और महिलाओं के लिए प्रेरणा के रूप में देखी जा रही है। उनका कहना है कि किसी भी क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए मेहनत, आत्मविश्वास और समाज के प्रति जिम्मेदारी जरूरी है।
बाड़मेर जैसे क्षेत्र से आने वाली इन युवा उम्मीदवारों की चुनावी यात्रा पर अब लोगों की नजरें टिकी हुई हैं। सिविल सेवा की तैयारी से राजनीति तक का उनका सफर यह दिखाता है कि युवा अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार अलग-अलग क्षेत्रों में नेतृत्व की भूमिका निभा सकते हैं।
नगर परिषद चुनाव में अब यह देखना दिलचस्प होगा कि जनता इन नए युवा चेहरों पर कितना भरोसा जताती है और क्या अलीशा देव व खुशबू आचार्य अपनी पहली चुनावी परीक्षा में सफल हो पाती हैं।
