निर्माणाधीन कुएं में मिट्टी धंसने से दो महिलाओं की मौत, 4 घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन में 40 फीट नीचे से शव बरामद
Rajgarh के बामन गांव में गुरुवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया, जिसमें निर्माणाधीन कुएं की मिट्टी धंसने से दो महिलाओं की मौत हो गई। इस घटना ने पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ा दी है। हादसे के बाद प्रशासन ने करीब 4 घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर दोनों शवों को बाहर निकाला।
तराई के दौरान हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार बामन गांव में जनपद सदस्य मुकेश कोट के घर के पास एक कुएं का निर्माण कार्य चल रहा था। इसी दौरान कुएं की सफाई और तराई के लिए दो महिलाएं नीचे उतरी थीं। मृतकों की पहचान रूपा (60) और पिंकी (30) के रूप में हुई है, जो आपस में सास-बहू बताई जा रही हैं।
जैसे ही दोनों महिलाएं कुएं के भीतर काम कर रही थीं, अचानक ऊपर की मिट्टी का बड़ा हिस्सा धंस गया और पूरा मलबा उनके ऊपर गिर पड़ा। इससे दोनों महिलाएं अंदर ही फंस गईं और उन्हें बाहर निकलने का कोई मौका नहीं मिला।
मौके पर मचा हड़कंप
घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत प्रशासन को सूचना दी और बचाव कार्य शुरू करने की कोशिश की। लेकिन कुएं की गहराई और लगातार धंसती मिट्टी के कारण रेस्क्यू में काफी मुश्किलें आईं।
सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।
4 घंटे का कठिन रेस्क्यू ऑपरेशन
प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य के लिए पोकलेन मशीन और 3 जेसीबी की मदद ली। करीब 4 घंटे की मशक्कत के बाद दोनों महिलाओं के शव लगभग 40 फीट की गहराई से बाहर निकाले जा सके।
रेस्क्यू के दौरान लगातार मिट्टी खिसकने का खतरा बना हुआ था, जिसके कारण ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। सुरक्षा को देखते हुए पूरे इलाके को घेराबंदी में ले लिया गया था।
परिवार में मातम, गांव में शोक
हादसे के बाद मृतकों के परिवार में कोहराम मच गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे गांव में मातम का माहौल है और लोग इस दर्दनाक घटना से सदमे में हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि निर्माणाधीन कुएं में सुरक्षा इंतजामों की कमी के कारण यह बड़ा हादसा हुआ है। अगर उचित सावधानियां बरती जातीं तो शायद यह घटना टाली जा सकती थी।
प्रशासन ने जांच के दिए संकेत
Rajgarh प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश देने की बात कही है। शुरुआती जांच में सुरक्षा मानकों की अनदेखी को हादसे की एक प्रमुख वजह माना जा रहा है।
प्रशासन ने यह भी कहा है कि भविष्य में निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराया जाएगा, ताकि इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।
