भरतपुर में सरपंच प्रत्याशी के पति पर दो राउंड फायरिंग, नीचे झुकने से बची जान; वीडियो में जाने दुकान के शटर और बिजली मीटर में लगी गोली
राजस्थान के भरतपुर में सरपंच चुनाव को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। रुदावल थाना क्षेत्र में एक युवक ने सरपंच प्रत्याशी के पति पर दो राउंड फायरिंग कर दी। बताया जा रहा है कि आरोपी ने गांव में वोट मांगने और चुनाव प्रचार करने से मना किया था। जब सरपंच प्रत्याशी के पति ने इसका कारण पूछा तो आरोपी गुस्से में वहां से चला गया। करीब 10 मिनट बाद वह वापस आया और फायरिंग कर दी। गोली चलते ही सरपंच प्रत्याशी के पति नीचे झुक गए, जिससे उनकी जान बच गई।
फायरिंग के दौरान एक गोली दुकान के शटर पर लगी, जबकि दूसरी दुकान का शीशा तोड़ते हुए अंदर लगे बिजली के मीटर में जा लगी। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी। घटना सुबह करीब 10 बजे की बताई जा रही है।
गांव में चुनाव प्रचार करने से रोकने का आरोप
मामला भरतपुर जिले के रुदावल थाना क्षेत्र का है। सूपा गांव निवासी यशपाल सिंह ने बताया कि हरनगर निवासी गौरव ने 21 अक्टूबर को अपने गांव में हवाई फायरिंग की थी। यशपाल के अनुसार, उस दौरान गौरव कह रहा था कि वह किसी भी प्रत्याशी को गांव में घुसने और चुनाव प्रचार नहीं करने देगा।
बताया जा रहा है कि इसी बात को लेकर विवाद हुआ। सरपंच प्रत्याशी के पति यशपाल ने जब गौरव से गांव में चुनाव प्रचार करने से रोकने का कारण पूछा तो वह नाराज होकर वहां से चला गया। इसके करीब 10 मिनट बाद वह दोबारा मौके पर पहुंचा और यशपाल पर दो राउंड फायरिंग कर दी।
नीचे झुकने से बची यशपाल की जान
फायरिंग के दौरान यशपाल ने तुरंत नीचे झुककर खुद को बचाया। इससे गोलियां उन्हें नहीं लगीं। हालांकि, दोनों गोलियों से दुकान को नुकसान पहुंचा। एक गोली दुकान के शटर पर लगी, जबकि दूसरी दुकान का शीशा तोड़कर अंदर लगे बिजली के मीटर में जा लगी।
घटना के बाद आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। चुनाव प्रचार के दौरान हुई इस घटना से इलाके में तनाव का माहौल बन गया। हालांकि, फायरिंग में किसी के घायल होने की सूचना सामने नहीं आई है।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलने के बाद रुदावल थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और मामले से जुड़े तथ्यों की जांच शुरू कर दी है। फायरिंग के पीछे चुनावी विवाद को वजह बताया जा रहा है, हालांकि मामले में पुलिस की जांच के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
यशपाल सिंह के पिता भाजपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष रह चुके हैं। घटना के बाद चुनाव प्रचार के दौरान प्रत्याशियों और उनके समर्थकों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। पुलिस मामले में आरोपों की जांच कर रही है। आरोपी के खिलाफ आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर की जाएगी।
