राजस्थान में मौसम के दो रंग, पूर्वी हिस्से में 3 इंच तक बारिश, वीडियो में जाने श्रीगंगानगर में अगस्त का रिकॉर्ड तापमान
राजस्थान में मानसून का असर अलग-अलग हिस्सों में अलग नजर आ रहा है। मंगलवार को प्रदेश के पूर्वी हिस्से में कई जगह अच्छी बारिश हुई। बूंदी, कोटा, झालावाड़, सवाई माधोपुर, दौसा और टोंक के इलाकों में करीब 3 इंच तक पानी बरसा। तेज बारिश के बाद कई तालाब, बांध और एनिकट छलक गए। वहीं धौलपुर में नदी के तेज बहाव में एक युवक के बहने की जानकारी सामने आई है। दूसरी ओर पश्चिमी राजस्थान के कई जिलों में बारिश के बजाय गर्मी और उमस ने लोगों को परेशान किया। श्रीगंगानगर, बीकानेर, हनुमानगढ़ और चूरू में तापमान बढ़ा। श्रीगंगानगर में अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह पिछले दो वर्षों में अगस्त के दौरान राज्य में दर्ज सबसे अधिक तापमान बताया जा रहा है।
पूर्वी राजस्थान में बारिश से जलस्रोत छलके
मंगलवार को बूंदी, कोटा, झालावाड़, सवाई माधोपुर, दौसा और टोंक में बारिश से जलस्रोतों में पानी की आवक बढ़ी। कई जगह तालाब, बांध और एनिकट भर गए। धौलपुर में नदी के तेज बहाव में एक युवक के बहने की सूचना है। ऐसे में नदी-नालों के आसपास रहने और जाने वाले लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
प्रदेश के 205 बांध अब भी खाली
मानसून कमजोर रहने का असर राजस्थान के बांधों पर भी दिखाई दे रहा है। अगस्त का महीना खत्म होने के करीब है, लेकिन प्रदेश के 205 बांध अब भी खाली बताए जा रहे हैं। बारिश के अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंचने से कई जलाशयों में पानी की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।जयपुर की लाइफलाइन माने जाने वाले बीसलपुर डैम का वर्तमान जलस्तर 314.09 आरएल मीटर है। बीते 24 घंटे में डैम में करीब 4 सेंटीमीटर पानी की आवक हुई है। राजधानी और आसपास के क्षेत्रों के लिए बीसलपुर का जलस्तर खास महत्व रखता है।
जयपुर में बारिश से तापमान गिरा
राजधानी जयपुर में मंगलवार सुबह से दोपहर तक रुक-रुककर बारिश हुई। जिले में सबसे ज्यादा बारिश बस्सी में 39 मिलीमीटर दर्ज की गई। बारिश के कारण दिल्ली हाईवे पर कोटपूतली और शाहपुरा के आसपास कई जगह पानी भर गया, जिससे लोगों को परेशानी हुई।
बारिश के बाद जयपुर में पूरे दिन बादल छाए रहे। इसके चलते तापमान में करीब 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई। राजधानी का अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस रहा।राजस्थान में एक ओर पूर्वी हिस्से में बारिश से जलस्रोतों में पानी की आवक बढ़ी है, तो दूसरी ओर पश्चिमी जिलों में बढ़ती गर्मी और उमस ने मौसम का अलग रूप दिखाया है। ऐसे में प्रदेश में मानसून की सक्रियता पर अब लोगों और प्रशासन की नजर बनी हुई है।
