दादी का फाटक पुलिया के पास ट्रक पलटा, चालक और खलासी घायल
सोमवार को अजमेर के दादी का फाटक पुलिया के पास एक गंभीर सड़क हादसा हुआ। दिल्ली से अजमेर जा रहा एक ट्रक अचानक अनियंत्रित हो गया और एक्सप्रेस हाईवे की रैलिंग तोड़ते हुए करीब 20 फीट नीचे सर्विस लेन में जा गिरा। हादसे में ट्रक में सवार चालक और खलासी गंभीर रूप से घायल हो गए।
स्थानीय लोगों और राहगीरों ने तुरंत घटना की सूचना पुलिस और आपातकालीन सेवाओं को दी। मौके पर पहुंची अजमेर पुलिस ने घायल चालक और खलासी को तुरंत नजदीकी निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार किया गया। अस्पताल के चिकित्सकों ने बताया कि दोनों की स्थिति स्थिर है, लेकिन उन्हें आगे की जांच और आवश्यक उपचार के लिए भर्ती रखा गया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, ट्रक अत्यधिक गति में था और ब्रेक फेल होने की संभावना को भी जांच में शामिल किया जा रहा है। पुलिस ने ट्रक के चालक और खलासी से प्राथमिक पूछताछ की है। स्थानीय अधिकारियों ने सड़क पर हुए नुकसान का आकलन करना शुरू कर दिया है।
हादसे के कारण सर्विस लेन और हाईवे के कुछ हिस्सों पर ट्रैफिक प्रभावित हुआ। प्रशासन ने आवश्यक व्यवस्था करते हुए वाहनों को वैकल्पिक मार्गों पर डायवर्ट किया। वहीं, पुलिया की रैलिंग को भी तत्काल मरम्मत के लिए चिन्हित किया गया है, ताकि आगे किसी और दुर्घटना से बचा जा सके।
स्थानीय लोगों ने बताया कि यह क्षेत्र पहले भी दुर्घटनाओं के लिए जाना जाता है, क्योंकि ट्रक और भारी वाहनों की गति अधिक रहती है और ब्रेक फेल होने या नियंत्रण खोने के मामले समय-समय पर सामने आते रहते हैं। उन्होंने प्रशासन से इस मार्ग पर सुरक्षा उपाय बढ़ाने की मांग की है।
इस हादसे ने सड़क सुरक्षा और ट्रक चालकों की जिम्मेदारी को लेकर चर्चा को भी तेज कर दिया है। ट्रक परिवहन व्यवसाय से जुड़े जानकारों का कहना है कि लंबे मार्ग पर ट्रकों के अनियंत्रित होने की बड़ी वजह चालक की थकान और वाहन में तकनीकी खराबी होती है। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार और परिवहन विभाग को इस तरह की दुर्घटनाओं को रोकने के लिए नियमित निरीक्षण और चालक प्रशिक्षण को अनिवार्य करना चाहिए।
इस बीच, पुलिस ने ट्रक को जब्त कर अपने नियंत्रण में ले लिया है और आगे की जांच में हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। वाहन मालिक और ट्रक कंपनी से भी मामले में जवाब मांगा गया है।
विशेषज्ञों की राय: सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि अगर समय रहते वाहन की नियमित जांच की जाती और चालक को उचित आराम मिलता, तो यह हादसा टाला जा सकता था। उन्होंने हाईवे और पुलिया पर रफ्तार नियंत्रण के लिए और चेतावनी संकेत लगाने की आवश्यकता जताई है।
इस हादसे ने एक बार फिर यह चेतावनी दी है कि हाईवे और पुलिया पर ट्रकों और भारी वाहनों की निगरानी, सुरक्षा नियमों का पालन और सड़क संरचना का सही रखरखाव कितना महत्वपूर्ण है।
अंततः, चालक और खलासी की सुरक्षित हालत से स्थानीय लोगों को राहत मिली है, लेकिन प्रशासन और वाहन संचालकों के लिए यह हादसा एक गंभीर सीख भी साबित हुआ है।
