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अजमेर में ट्रक ड्राइवर ने चोरी के आरोप से परेशान होकर की खुदकुशी

अजमेर में ट्रक ड्राइवर ने चोरी के आरोप से परेशान होकर की खुदकुशी
 
अजमेर में ट्रक ड्राइवर ने चोरी के आरोप से परेशान होकर की खुदकुशी

राजस्थान के अजमेर जिले के किशनगढ़ क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां 38 वर्षीय ट्रक ड्राइवर तिलोक मेघवाल ने अपने घर की रसोई में फांसी के फंदे में लटककर आत्महत्या कर ली। यह घटना परिवार और स्थानीय लोगों के लिए सदमे का कारण बनी है।

पुलिस और परिजनों के अनुसार, तिलोक मेघवाल 25 वर्षों से ट्रक, बस और डंपर चलाने का काम कर परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे। उनकी मेहनत से परिवार के सदस्य और तीन भतीजियां पढ़ाई-लिखाई और जीवनयापन कर रहे थे। लेकिन कुछ समय पहले उन पर चोरी का आरोप लगा, जिसने तिलोक को मानसिक रूप से पूरी तरह प्रभावित कर दिया।

हादसे से पहले तिलोक ने एक वीडियो बनाया, जिसमें उन्होंने बार-बार यह कहते हुए अपने मासूम दर्द को उजागर किया कि “मैं चोर नहीं हूं... मैंने चोरी नहीं की।” वीडियो में उनके चेहरे पर गहरा तनाव और हताशा देखा गया। इसके साथ ही उन्होंने सुसाइड नोट भी लिखा, जिसमें अपने ऊपर लगे आरोपों और परिवार की जिम्मेदारी के बोझ के कारण आत्महत्या करने का कारण स्पष्ट किया।

स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मृतक के शव को सुरक्षित किया और मामले की जांच शुरू कर दी। किशनगढ़ थाना अधिकारी ने बताया कि पुलिस सुसाइड नोट और वीडियो की जांच कर रही है और परिवार के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के मामले अक्सर असत्य आरोपों और मानसिक दबाव के कारण होते हैं। उन्होंने लोगों को चेतावनी दी कि किसी पर गंभीर आरोप लगाने से पहले तथ्यों की जांच जरूरी है, क्योंकि इससे व्यक्ति की मानसिक स्थिति और परिवार पर गंभीर असर पड़ सकता है।

परिजन और ग्रामीण इस घटना से सदमे में हैं। तिलोक मेघवाल के परिवार ने बताया कि वह हमेशा ईमानदार और मेहनती इंसान रहे हैं और उनकी यह आत्महत्या अनजाने में लगे आरोपों के कारण हुई है।

किशनगढ़ पुलिस ने कहा कि मामले की पूरी जांच कर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने प्रशासन और समाज से अपील की है कि इस तरह के मामलों में सावधानी और संवेदनशीलता बरती जाए, ताकि किसी और परिवार को इसी तरह का दुख न झेलना पड़े।

इस घटना ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि मानसिक स्वास्थ्य, सामाजिक दबाव और गलत आरोपों का गंभीर असर किसी भी व्यक्ति पर पड़ सकता है। तिलोक मेघवाल की दुखद मौत ने पूरे क्षेत्र में सहानुभूति और चेतावनी का संदेश भेजा है।

अजमेर के किशनगढ़ में यह मामला न केवल परिवार और समाज के लिए चिंता का कारण है, बल्कि यह एक संदेश भी है कि न्याय और तथ्यों की जांच में देरी या गलती किसी की जिंदगी के लिए गंभीर परिणाम ला सकती है।