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जयपुर में ‘तीन तलाक’ का मामला, वीडियो में देखें मारपीट कर धक्के मारकर घर से बाहर निकाला, पीड़िता पहुंची थाने

जयपुर में ‘तीन तलाक’ का मामला, वीडियो में देखें मारपीट कर धक्के मारकर घर से बाहर निकाला, पीड़िता पहुंची थाने
 
जयपुर में ‘तीन तलाक’ का मामला, वीडियो में देखें मारपीट कर धक्के मारकर घर से बाहर निकाला, पीड़िता पहुंची थाने

राजस्थान की राजधानी जयपुर से ‘तीन तलाक’ का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां एक पति ने अपनी पत्नी को फोन कॉल पर ‘तीन तलाक’ देकर छोड़ दिया। आरोप है कि शादी के बाद से ही पति महिला के साथ लगातार मारपीट और मानसिक प्रताड़ना करता रहा। जब महिला ने अत्याचार का विरोध किया तो आरोपी पति ने उसे धक्के मारकर घर से बाहर निकाल दिया और बाद में कॉल कर तलाक दे दिया। पीड़ित महिला ने लालकोठी थाने में आरोपी पति के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है।

लालकोठी थाने में तैनात एएसआई किशन सिंह ने बताया कि आदर्श नगर क्षेत्र की रहने वाली 28 वर्षीय महिला ने पुलिस में रिपोर्ट दी है। पीड़िता के अनुसार उसकी शादी कुछ साल पहले हुई थी। शुरुआती दिनों से ही उसका पति उसके साथ दुर्व्यवहार करने लगा था। छोटी-छोटी बातों पर झगड़ा करना, मारपीट करना और मानसिक रूप से टॉर्चर करना उसकी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन गया था।

महिला ने अपनी शिकायत में बताया कि पति आए दिन उसे गालियां देता था और कई बार हाथापाई भी करता था। परिजनों और समाज के दबाव के चलते वह यह सब सहती रही और रिश्ते को बचाने की कोशिश करती रही। हालांकि, समय के साथ हालात और बिगड़ते चले गए। पीड़िता का आरोप है कि नवंबर 2025 में पति ने हद पार करते हुए उसे धक्के मारकर घर से बाहर निकाल दिया। उस समय महिला के पास न तो कोई सहारा था और न ही रहने का ठिकाना।

घर से निकाले जाने के बाद महिला अपने मायके चली गई। कुछ समय बाद आरोपी पति ने फोन कॉल कर उसे ‘तीन तलाक’ दे दिया और रिश्ता खत्म करने की बात कही। महिला का कहना है कि यह तलाक पूरी तरह गैरकानूनी और अमानवीय है, क्योंकि देश में तीन तलाक को कानूनन अपराध घोषित किया जा चुका है।

पुलिस के अनुसार, पीड़िता की शिकायत के आधार पर आरोपी पति के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है और आरोपी से पूछताछ की तैयारी की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि महिला के साथ कितने समय तक घरेलू हिंसा हुई और क्या इसमें अन्य लोग भी शामिल थे।

गौरतलब है कि केंद्र सरकार द्वारा मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) अधिनियम लागू किए जाने के बाद ‘तीन तलाक’ देना दंडनीय अपराध है। इसके बावजूद ऐसे मामलों का सामने आना समाज में महिलाओं की स्थिति पर सवाल खड़े करता है। खासतौर पर घरेलू हिंसा और मानसिक प्रताड़ना के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं।

पीड़िता ने प्रशासन से न्याय की मांग करते हुए कहा है कि उसे आरोपी पति से सुरक्षा चाहिए और दोषी को सख्त सजा मिलनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई और महिला इस तरह की प्रताड़ना का शिकार न बने। फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी हुई है और जल्द ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।