जयपुर में नशे की लत का इलाज अब SSS हॉस्पिटल में मुफ्त, वीडियो में जाने 10 बेड की IPD सुविधा शुरू
जयपुर में नशे की लत से जूझ रहे मरीजों के लिए राहत की खबर है। अब नशे की लत छुड़ाने का इलाज एसएसएस हॉस्पिटल में मुफ्त उपलब्ध होगा। इसके लिए अस्पताल में आईपीडी यानी इन पेशेंट डिपार्टमेंट की सुविधा शुरू की गई है। यह सुविधा एसएमएस मेडिकल कॉलेज के अधीन संचालित मनोचिकित्सा केंद्र के अंतर्गत शुरू हुई है। फिलहाल मरीजों के इलाज के लिए 10 बेड की व्यवस्था की गई है। आने वाले समय में बेड की संख्या बढ़ाने की योजना है।
यह नई सुविधा नेशनल ड्रग डिपेंडेंस ट्रीटमेंट सेंटर यानी NDDTC के अंतर्गत शुरू की गई है। इसका उद्देश्य शराब समेत अन्य नशीले पदार्थों की गंभीर लत से परेशान मरीजों को इलाज और जरूरी दवाएं उपलब्ध कराना है। सेंटर के माध्यम से मरीजों को नशे की लत छुड़ाने के साथ लंबे समय तक नशे से दूर रखने के लिए भी उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।
मनोचिकित्सा केंद्र जयपुर के अधीक्षक डॉ. योगेश सतीजा ने बताया कि इस सुविधा का सबसे अधिक फायदा उन मरीजों को मिलेगा, जो शराब या अन्य नशीले पदार्थों के गंभीर रूप से आदी हो चुके हैं। ऐसे मरीजों के लिए नशा छोड़ना आसान नहीं होता और कई बार उन्हें लगातार चिकित्सकीय निगरानी तथा दवाओं की जरूरत पड़ती है। आईपीडी सुविधा शुरू होने से ऐसे मरीजों को अस्पताल में भर्ती कर विशेषज्ञों की निगरानी में इलाज किया जा सकेगा।
अधिकारियों के अनुसार, NDDTC की ओर से उपलब्ध कराई जाने वाली दवाएं विशेष रूप से उन मरीजों के लिए उपयोगी हैं, जिन्हें नशे की गंभीर लत है। इन दवाओं के जरिए नशा छोड़ने के दौरान होने वाली परेशानियों को नियंत्रित करने और मरीज को धीरे-धीरे सामान्य जीवन की ओर लाने में मदद मिलती है।
इस योजना की खास बात यह है कि मरीजों को केवल शुरुआती चरण में नशा छुड़ाने वाली दवाएं ही नहीं दी जा रही हैं, बल्कि लंबे समय तक नशे से दूर रखने के लिए जरूरी दवाएं और उपचार भी उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे मरीजों के दोबारा नशे की गिरफ्त में आने की संभावना को कम करने में मदद मिल सकती है।
फिलहाल मनोचिकित्सा केंद्र में 10 बेड की आईपीडी सुविधा उपलब्ध कराई गई है। मरीजों की संख्या और जरूरत को देखते हुए भविष्य में बेड बढ़ाए जाने की तैयारी है। इससे अधिक संख्या में मरीजों को भर्ती कर उपचार देने की सुविधा मिल सकेगी।
विशेषज्ञों के मुताबिक नशे की लत केवल व्यक्ति की सेहत को ही प्रभावित नहीं करती, बल्कि इसका असर पूरे परिवार और सामाजिक जीवन पर पड़ता है। कई मरीज चाहकर भी नशा नहीं छोड़ पाते और उन्हें चिकित्सकीय सहायता की आवश्यकता होती है। ऐसे में सरकारी अस्पताल में मुफ्त इलाज और दवाओं की सुविधा शुरू होना महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
नई सुविधा के तहत गंभीर नशा पीड़ित मरीजों को अस्पताल में भर्ती कर इलाज, दवाएं और विशेषज्ञों की निगरानी उपलब्ध होगी। इससे जयपुर और आसपास के क्षेत्रों के ऐसे मरीजों को फायदा मिलने की उम्मीद है, जो आर्थिक कारणों से निजी नशामुक्ति केंद्रों में इलाज नहीं करा पाते थे।
