राजस्थान के स्कूलों में ‘ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडे’ अभियान की शुरुआत, जज देंगे साइबर सुरक्षा की शिक्षा
राजस्थान में विद्यार्थियों को डिजिटल युग की चुनौतियों से सुरक्षित और जागरूक बनाने के लिए एक अनोखी पहल की शुरुआत की जा रही है। मंगलवार (7 अप्रैल) से राज्यभर के स्कूलों में ‘ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडे’ अभियान शुरू होगा, जिसके तहत न्यायिक अधिकारी विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा और कानूनी जागरूकता की जानकारी देंगे।
इस अभियान के अंतर्गत करीब 1400 न्यायाधीश (जज) प्रदेश के चयनित 1400 स्कूलों में जाकर विद्यार्थियों से संवाद करेंगे और उन्हें साइबर दुनिया के खतरों से अवगत कराएंगे। यह पहल बच्चों को डिजिटल माध्यमों के सुरक्षित उपयोग के प्रति जागरूक करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
कार्यक्रम के दौरान छात्रों को साइबर बुलिंग, डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन फ्रॉड और सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि आज के समय में जब बच्चे कम उम्र से ही इंटरनेट और सोशल मीडिया से जुड़ रहे हैं, ऐसे में इस तरह की जागरूकता अत्यंत आवश्यक है।
यह अभियान ‘एम्पावरिंग राजस्थान यूथ ए लीगल लिटरेसी इनीशिएटिव-2026’ योजना के तहत चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों में कानूनी समझ और अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। इसके माध्यम से छात्रों को न केवल डिजिटल सुरक्षा के बारे में बताया जाएगा, बल्कि उन्हें यह भी समझाया जाएगा कि किसी भी साइबर अपराध की स्थिति में कैसे प्रतिक्रिया देनी चाहिए।
राजस्थान उच्च न्यायालय और संबंधित न्यायिक संस्थानों की ओर से इस पहल को शिक्षा और न्याय व्यवस्था के बीच एक मजबूत सेतु के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्यक्रम बच्चों को जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनाने में मदद करेगा।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की पहल से विद्यार्थियों में कानून के प्रति समझ बढ़ेगी और वे साइबर अपराधों से बचने के लिए अधिक सतर्क रहेंगे। साथ ही, यह कार्यक्रम स्कूल शिक्षा को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर उसे व्यावहारिक जीवन से जोड़ने का भी प्रयास है।
फिलहाल राज्यभर के स्कूल इस विशेष अभियान के लिए तैयार हैं और उम्मीद की जा रही है कि यह पहल छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण और ज्ञानवर्धक अनुभव साबित होगी।
