राजस्थान में तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादलों पर रोक जारी, गृह जिले की उम्मीद लगाए बैठे शिक्षक
राजस्थान में तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादलों पर लगा प्रतिबंध अभी तक नहीं हटाया गया है। इसके चलते राज्यभर के शिक्षक लंबे समय से अपने गृह जिले या इच्छित स्थान पर स्थानांतरण की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
शिक्षक समुदाय में इस देरी को लेकर असंतोष और असमंजस की स्थिति बनी हुई है। कई शिक्षक ऐसे हैं जो वर्षों से दूरदराज जिलों में सेवाएं दे रहे हैं और पारिवारिक कारणों से तबादले की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
शिक्षा विभाग की ओर से अब तक इस संबंध में कोई नई तबादला नीति या आदेश जारी नहीं किया गया है, जिससे स्थिति यथावत बनी हुई है। प्रशासनिक स्तर पर यह मामला विचाराधीन बताया जा रहा है।
शिक्षक संगठनों का कहना है कि तबादला नीति में पारदर्शिता और नियमितता होनी चाहिए ताकि कर्मचारियों को अनावश्यक इंतजार न करना पड़े। उनका यह भी कहना है कि लंबे समय तक स्थानांतरण प्रक्रिया बंद रहने से शिक्षण व्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है।
वहीं विभागीय सूत्रों के अनुसार, सरकार विभिन्न प्रशासनिक और शैक्षणिक पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तबादला नीति पर विचार कर रही है, लेकिन अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
फिलहाल प्रदेश के हजारों शिक्षक तबादलों से जुड़ी किसी भी नई घोषणा का इंतजार कर रहे हैं, जिससे उन्हें अपने गृह जिले या पसंदीदा स्थान पर काम करने का अवसर मिल सके।
