जयपुर में गरबा महोत्सव का दिखा अनोखा रंग, फुटेज में देंखे लंदन-जापान के पर्यटकों ने ट्रेडिशनल ड्रेस में किया डांडिया; 10 सिर लगाकर रावण बने जितेंद्र शर्मा
जयपुर के मानसरोवर स्थित वीटी रोड पर आयोजित अभिव्यक्ति गरबा महोत्सव के तीसरे दिन शुक्रवार को उत्साह और उमंग का माहौल देखने को मिला। महोत्सव में प्रतिभागी अलग-अलग थीम और अनोखे अंदाज में पहुंच रहे हैं। इस बार गरबा की रौनक में विदेशी मेहमानों ने भी चार चांद लगा दिए। लंदन और जापान से आए पर्यटक पारंपरिक गरबा ड्रेस पहनकर पहुंचे और डांडिया कर भारतीय संस्कृति का आनंद लिया।कार्यक्रम में जयपुर के जितेंद्र शर्मा 10 सिर लगाकर रावण के रूप में पहुंचे, जबकि 10 साल की एक बच्ची मां दुर्गा का रूप धारण करके आई। अलग-अलग वेशभूषा और रचनात्मक प्रस्तुतियों ने महोत्सव को खास बना दिया।
लंदन से आए टायलर और लॉरा ने किया गरबा
लंदन से जयपुर घूमने आए टायलर और लॉरा को ज अभिव्यक्ति गरबा महोत्सव के बारे में पता चला, तो उन्होंने इसमें शामिल होने का फैसला किया। दोनों पारंपरिक गरबा ड्रेस पहनकर कार्यक्रम में पहुंचे और जमकर गरबा किया।विदेशी मेहमानों ने बताया कि जयपुर घूमने के दौरान उन्हें इस आयोजन के बारे में जानकारी मिली थी। गरबा में शामिल होने का अनुभव उनके लिए खास रहा। उन्होंने कहा कि वे जयपुर में एक दिन और रुकेंगे, लेकिन अभिव्यक्ति गरबा महोत्सव का अनुभव उनके सफर की यादगार चीजों में शामिल हो गया है।
जापानी पर्यटक भारतीय वेशभूषा में पहुंचे
जापान से आए जो मोरियामा, यूकी, सनी, मिका, चिट्टा और अक्की भी गरबा महोत्सव में शामिल हुए। सभी पर्यटक गरबा थीम की ड्रेस पहनकर पहुंचे और भारतीय पारंपरिक अंदाज में कार्यक्रम का आनंद लिया।उन्होंने बताया कि पहले शाम को डिस्को जाने का कार्यक्रम था। इसी दौरान उनकी गाइड नेहा शर्मा ने उन्हें अभिव्यक्ति गरबा महोत्सव के बारे में बताया। इसके बाद सभी ने अपना कार्यक्रम बदल दिया और भारतीय वेशभूषा में गरबा देखने और उसमें शामिल होने पहुंच गए।जापानी पर्यटकों के लिए यह अनुभव भारतीय संस्कृति को करीब से जानने का अवसर बना। गरबा के संगीत और डांडिया के बीच उन्होंने भी उत्साह के साथ हिस्सा लिया।
10 सिर लगाकर रावण बने जितेंद्र शर्मा
महोत्सव में पारंपरिक गरबा ड्रेस के साथ अनोखी थीम भी आकर्षण का केंद्र रही। जयपुर के जितेंद्र शर्मा 10 सिर लगाकर रावण के रूप में पहुंचे। उनकी वेशभूषा ने लोगों का ध्यान खींचा।वहीं, 10 साल की एक बच्ची मां दुर्गा के रूप में सजकर आई। नवरात्रि के माहौल में देवी के स्वरूप में पहुंची बच्ची की प्रस्तुति भी कार्यक्रम की खास झलकियों में शामिल रही।
गरबा महोत्सव में भारतीय संस्कृति की झलक
अभिव्यक्ति गरबा महोत्सव के तीसरे दिन अलग-अलग उम्र के लोगों ने उत्साह से भाग लिया। कोई पारंपरिक परिधान में पहुंचा, तो किसी ने रचनात्मक थीम के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई। विदेशी पर्यटकों की भागीदारी ने भी आयोजन को अंतरराष्ट्रीय रंग दिया।लंदन और जापान से आए मेहमानों का भारतीय वेशभूषा में गरबा करना इस बात की झलक है कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन पर्यटकों को स्थानीय परंपराओं से जुड़ने का अवसर देते हैं। जयपुर में नवरात्रि के दौरान गरबा और डांडिया की धूम के बीच अभिव्यक्ति महोत्सव प्रतिभागियों और दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
