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दौसा में 6 साल बाद खुला टिल्लू हत्या कांड, एक्सप्रेस-वे पर दफनाई गई थी मासूम की लाश

दौसा में 6 साल बाद खुला टिल्लू हत्या कांड, एक्सप्रेस-वे पर दफनाई गई थी मासूम की लाश
 
दौसा में 6 साल बाद खुला टिल्लू हत्या कांड, एक्सप्रेस-वे पर दफनाई गई थी मासूम की लाश

दौसा जिले के बहुत विवादित प्रिंस उर्फ ​​टिल्लू किडनैपिंग केस में छह साल बाद एक बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में 16 अगस्त, 2020 को बांदीकुई थाना इलाके से लापता हुए चार साल के बच्चे की हत्या की पुष्टि हुई है। दौसा पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो कथित तौर पर भाई-बहन हैं। पूछताछ में दोनों ने हत्या की बात कबूल कर ली है।

दौसा के पुलिस सुपरिटेंडेंट सागर राणा ने बताया कि लंबे समय से चल रहे इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पूरी तरह से दोबारा जांच की गई। एडिशनल सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस योगेंद्र फौजदार के नेतृत्व में एक नई टीम बनाई गई। जांच टीम ने पुराने फैक्ट्स को फिर से इकट्ठा किया और उनका साइंटिफिक तरीके से एनालिसिस किया, जिससे मामले में अहम सुराग मिले।

एक्सप्रेसवे के पास दफनाया शव
पुलिस के मुताबिक, हत्या के बाद आरोपियों ने लड़के के शव को उस समय बन रहे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के पास जमीन में दबा दिया। आरोपियों के बताए अनुसार साइट पर खुदाई का काम चल रहा है। NHAI का सहयोग, मॉडर्न टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके खोज
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (NHAI) खुदाई और टेक्निकल जांच में मदद कर रहा है। पहचानी गई जगह के नीचे इंसानी अवशेषों की मौजूदगी का पता लगाने के लिए मॉडर्न मशीनों और स्कैनिंग इक्विपमेंट का इस्तेमाल किया जा रहा है। हालांकि, पुलिस के सामने एक बड़ी चुनौती यह है कि 2020 में एक्सप्रेसवे का कंस्ट्रक्शन चल रहा था, और तब से इलाके का लैंडस्केप और स्ट्रक्चर काफी बदल गया है। इसलिए, पुलिस सही जगह का पता लगाने के लिए पुराने ड्रोन फुटेज और रिकॉर्ड पर भरोसा कर रही है।

शुरुआती जांच सीमित थी
मामला 2020 की शुरुआत में किडनैपिंग के तौर पर दर्ज किया गया था। उस समय के जांच अधिकारी ने बच्चे की तलाश की, परिवार के सदस्यों और गांव वालों से पूछताछ की, और सोशल मीडिया, प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का इस्तेमाल किया। चाइल्ड वेलफेयर कमेटी और चाइल्ड हेल्पलाइन को भी सूचित किया गया, और आसपास के खेतों में तलाशी ली गई, लेकिन कोई ठोस सुराग नहीं मिला। उस समय, पुलिस को हत्या के बारे में पता नहीं था, और मामला लंबे समय तक अनसुलझा रहा।

जल्द ही पूरा खुलासा होगा: SP
SP सागर राणा ने दावा किया कि टेक्निकल सबूतों और NHAI के सहयोग से मासूम बच्चे के अवशेष जल्द ही मिलने की उम्मीद है, जिससे मामले का पूरा हल निकल जाएगा। छह साल बाद हुए इस खुलासे से पुलिस की शुरुआती जांच के तरीके पर सवाल उठे हैं, लेकिन नई जांच टीम की कार्रवाई से पीड़ित परिवार में न्याय की उम्मीद फिर से जगी है।