टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के लिए मिलने थे 35 हजार रुपए, वीडियो में जाने काम पूरा कर विदेश जाने का था ऑफर; कोटा में पकड़े गए आरोपी
मुंबई में बॉलीवुड एक्टर टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग करने वाले आरोपियों को वारदात के बदले 35 हजार रुपए मिलने वाले थे। यह रकम काम पूरा होने के बाद दी जानी थी। इसके अलावा आरोपियों को विदेश भेजने का ऑफर भी दिया गया था। हालांकि, इससे पहले ही पुलिस ने तीनों को राजस्थान के कोटा रेलवे स्टेशन पर पकड़ लिया। शुरुआती जांच में गैंगस्टर अनिल पंडित का नाम सामने आया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि फायरिंग की साजिश कैसे रची गई और इसमें अन्य कौन लोग शामिल हैं।कोटा सिटी एसपी तेजस्विनी गौतम के अनुसार, शुरुआती जांच में सामने आया है कि करीब डेढ़ महीने पहले समीर ने रेहान की बात अनिल पंडित से करवाई थी। आरोप है कि अनिल पंडित ने समीर के माध्यम से रेहान को 35 हजार रुपए देने और विदेश भेजने का ऑफर दिया था। पुलिस इस कथित लेन-देन और आरोपियों के आपसी संपर्क की जांच कर रही है।
करीब 10 दिन पहले मुंबई पहुंचे थे आरोपी
पुलिस के मुताबिक, फायरिंग की वारदात में शामिल रेहान और नाबालिग आरोपी करीब 10 दिन पहले मुंबई पहुंचे थे। दोनों के अनिल पंडित के संपर्क में होने की बात सामने आई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मुंबई पहुंचने के बाद वे कहां ठहरे और वारदात से पहले उन्हें किस तरह की मदद मिली।जांच एजेंसियां आरोपियों से पूछताछ कर घटना से जुड़ी पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी हैं। पुलिस यह भी पता कर रही है कि फायरिंग के लिए उन्हें किसने निर्देश दिए और वारदात के बाद भागने की योजना किसने तैयार की थी।
टैक्सी से मुंबई से सूरत पहुंचे, फिर ट्रेन में चढ़े
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, वारदात के बाद आरोपी टैक्सी से मुंबई से सूरत पहुंचे। इसके बाद उन्होंने ट्रेन पकड़ी और राजस्थान की ओर रवाना हो गए। सूरत रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी कैमरों में उनकी तस्वीरें कैद हुई थीं। पुलिस जांच में इन फुटेज की भी अहम भूमिका मानी जा रही है।बताया गया है कि तीनों आरोपी ट्रेन में बिना टिकट यात्रा कर रहे थे। सफर के दौरान रेलवे कर्मचारियों ने उनसे जुर्माना भी वसूला था। इसके बावजूद वे ट्रेन से आगे बढ़ते रहे और आखिरकार कोटा रेलवे स्टेशन पर पुलिस के हत्थे चढ़ गए।
एक बैग में मिले कपड़े, एक आरोपी ने फेंका मोबाइल
पुलिस को आरोपियों के पास से एक बैग मिला है। उसमें तीनों के एक-एक जोड़ी कपड़े रखे हुए थे। जांच एजेंसियां इसे उनके सफर और भागने की योजना से जोड़कर देख रही हैं।आरोपियों में से दो के पास एक-एक मोबाइल फोन मिला है, जबकि तीसरे आरोपी ने कथित तौर पर रास्ते में अपना मोबाइल फेंक दिया था। पुलिस अब बरामद मोबाइल फोन की जांच कर सकती है, जिससे आरोपियों के संपर्क, बातचीत और वारदात से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों का पता लगाया जा सके।
साजिश और अन्य संपर्कों की जांच जारी
कोटा पुलिस तीनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच का मुख्य फोकस 35 हजार रुपए देने के कथित ऑफर, विदेश भेजने के वादे और अनिल पंडित से जुड़े संपर्कों पर है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि फायरिंग के पीछे क्या मकसद था और क्या आरोपियों को किसी अन्य व्यक्ति ने भी मदद दी थी।फिलहाल ये जानकारियां शुरुआती पुलिस जांच पर आधारित हैं। साजिश में शामिल लोगों और उनकी भूमिका की अंतिम पुष्टि जांच तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही होगी।
