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रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व में खुले जंगल में छोड़ा गया बाघ RVT-7, वीडियो में देंखे अब प्राकृतिक आवास में करेगा विचरण

रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व में खुले जंगल में छोड़ा गया बाघ RVT-7, वीडियो में देंखे अब प्राकृतिक आवास में करेगा विचरण
 
रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व में खुले जंगल में छोड़ा गया बाघ RVT-7, वीडियो में देंखे अब प्राकृतिक आवास में करेगा विचरण

रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व में करीब 18 महीने से अधिक समय तक रीवाइल्डिंग एनक्लोजर में रह रहे बाघ RVT-7 को बूंदी स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर खुले जंगल में छोड़ दिया गया। वन विभाग के इस कदम को टाइगर संरक्षण और वन्यजीव प्रबंधन की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

एनक्लोजर का दरवाजा खुलते ही बाहर निकला बाघ

मंगलवार शाम बाघ के एनक्लोजर के दरवाजे खोले गए। वन विभाग के अनुसार, बाघ रात के समय एक बार एनक्लोजर से बाहर निकला, लेकिन नए माहौल का जायजा लेने के बाद वापस लौट गया। हालांकि अब उसके लिए जंगल का रास्ता पूरी तरह खुला है और वह किसी भी समय स्वतंत्र रूप से अपने प्राकृतिक आवास में विचरण कर सकता है।

पहले ही पूरी कर ली गई थीं तैयारियां

बाघ को जंगल में छोड़ने से पहले वन विभाग ने सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली थीं। 7 जून को वरिष्ठ वन अधिकारियों और मुख्य वन संरक्षक की मौजूदगी में बाघ को रेडियो कॉलर पहनाया गया था। इसके बाद से ही उसके जल्द खुले जंगल में छोड़े जाने की संभावना जताई जा रही थी।

रेडियो कॉलर से होगी निगरानी

वन विभाग ने बताया कि रेडियो कॉलर की मदद से बाघ की गतिविधियों, मूवमेंट और क्षेत्रीय व्यवहार पर लगातार नजर रखी जाएगी। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि बाघ नए वातावरण में सहज रूप से खुद को स्थापित कर सके और उसकी सुरक्षा भी बनी रहे।

टाइगर रिजर्व के लिए अहम कदम

Ramgarh Vishdhari Tiger Reserve में बाघ RVT-7 को खुले जंगल में छोड़ना टाइगर आबादी बढ़ाने और वन्यजीव संरक्षण के प्रयासों का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि रीवाइल्डिंग प्रक्रिया पूरी करने के बाद किसी बाघ को प्राकृतिक आवास में छोड़ना उसके व्यवहार और पारिस्थितिकी तंत्र के लिए सकारात्मक कदम होता है।

वन विभाग की टीम आगामी दिनों में बाघ की गतिविधियों पर विशेष नजर रखेगी, ताकि उसके जंगल में अनुकूलन और मूवमेंट का आकलन किया जा सके।