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सरिस्का टाइगर रिजर्व में बढ़ी बाघों की हलचल: पर्यटकों और ट्रैकर्स के लिए अलर्ट जारी

सरिस्का टाइगर रिजर्व में बढ़ी बाघों की हलचल: पर्यटकों और ट्रैकर्स के लिए अलर्ट जारी
 
सरिस्का टाइगर रिजर्व में बढ़ी बाघों की हलचल: पर्यटकों और ट्रैकर्स के लिए अलर्ट जारी

अलवर स्थित प्रसिद्ध Sariska Tiger Reserve में इन दिनों बाघों की गतिविधियों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वन विभाग की हालिया निगरानी रिपोर्ट के अनुसार, रिजर्व के कई कोर और बफर जोन क्षेत्रों में बाघों की नियमित आवाजाही देखी जा रही है, जिसके चलते पर्यटकों और ट्रैकर्स के लिए विशेष सतर्कता बरतने की सलाह जारी की गई है।

वन अधिकारियों के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों में कैमरा ट्रैप और गश्ती दल की रिपोर्ट में बाघों की मूवमेंट पहले की तुलना में अधिक सक्रिय पाई गई है। विशेषकर झिरी, कालीघाट और आसपास के वन क्षेत्रों में बाघों की मौजूदगी लगातार दर्ज की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि मौसम में बदलाव और जंगल में पानी व शिकार की उपलब्धता बढ़ने के कारण बाघों की गतिविधियों में यह वृद्धि देखी जा रही है।

सरिस्का टाइगर रिजर्व, जो देश के प्रमुख बाघ संरक्षण क्षेत्रों में गिना जाता है, में पर्यटकों की आवाजाही भी इन दिनों बढ़ी हुई है। ऐसे में वन विभाग ने सभी पर्यटकों को जंगल सफारी के दौरान निर्धारित नियमों का सख्ती से पालन करने की अपील की है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सफारी वाहनों को तय रूट से बाहर न जाने और जंगल के भीतर अनावश्यक शोर न करने के निर्देश दिए गए हैं।

वन विभाग ने ट्रैकर्स और गाइड्स को भी अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। खासकर सुबह और शाम के समय, जब बाघों की गतिविधि अधिक होती है, उस दौरान समूह में ही सफारी करने और किसी भी संदिग्ध हलचल की तुरंत सूचना देने को कहा गया है।

रिजर्व प्रशासन का कहना है कि बाघों की बढ़ती मौजूदगी वन्यजीव संरक्षण के लिहाज से एक सकारात्मक संकेत है, लेकिन इसके साथ ही मानव और वन्यजीव संघर्ष की संभावना भी बढ़ जाती है। इसलिए पर्यटकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

स्थानीय गाइड्स का कहना है कि इस समय सरिस्का में सफारी का अनुभव बेहद रोमांचक हो गया है, लेकिन साथ ही सावधानी भी उतनी ही जरूरी है। कई पर्यटक बाघों की झलक देखने के उत्साह में नियमों की अनदेखी कर देते हैं, जो खतरे को बढ़ा सकता है।

वन विभाग ने पर्यटकों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत गाइड्स के साथ ही सफारी करें, वाहन से बाहर न उतरें और किसी भी जानवर को परेशान करने या उसके करीब जाने की कोशिश न करें। इसके अलावा, मोबाइल फ्लैश और तेज आवाज वाले उपकरणों के उपयोग से भी बचने की सलाह दी गई है।

कुल मिलाकर, सरिस्का टाइगर रिजर्व में बाघों की बढ़ती गतिविधि जहां वन्यजीव प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है, वहीं सुरक्षा और सतर्कता अब सबसे अहम मुद्दा बन गई है। प्रशासन ने साफ संकेत दिए हैं कि जंगल में नियमों का पालन ही सुरक्षित और यादगार अनुभव की कुंजी है।