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थ्री डिजिट नंबर फर्जीवाड़ा: आरटीओ कार्यालय का बाबू डिटेन, संगठित नेटवर्क की आशंका

थ्री डिजिट नंबर फर्जीवाड़ा: आरटीओ कार्यालय का बाबू डिटेन, संगठित नेटवर्क की आशंका
 
थ्री डिजिट नंबर फर्जीवाड़ा: आरटीओ कार्यालय का बाबू डिटेन, संगठित नेटवर्क की आशंका

परिवहन विभाग में सामने आए चर्चित थ्री डिजिट नंबर फर्जीवाड़ा मामले में जांच ने अब रफ्तार पकड़ ली है। गांधीनगर थाना पुलिस ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए आरटीओ-प्रथम कार्यालय के एक बाबू को डिटेन कर पूछताछ शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में इस पूरे मामले के पीछे एक संगठित नेटवर्क के सक्रिय होने के संकेत मिले हैं।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, वीआईपी और आकर्षक थ्री डिजिट वाहन नंबरों के आवंटन में अनियमितताओं की शिकायतें लंबे समय से मिल रही थीं। जांच में सामने आया है कि कुछ लोगों द्वारा नियमों को दरकिनार कर ऐसे नंबरों की अवैध तरीके से खरीद-फरोख्त की जा रही थी। इस पूरे खेल में विभाग के अंदरूनी लोगों की मिलीभगत की भी आशंका जताई जा रही है।

सूत्रों के मुताबिक, डिटेन किए गए बाबू से पूछताछ में कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। पुलिस अब यह जानने की कोशिश कर रही है कि इस फर्जीवाड़े में कितने लोग शामिल हैं और यह नेटवर्क कितने समय से सक्रिय है। साथ ही, किन-किन वाहन मालिकों को नियमों के खिलाफ जाकर विशेष नंबर आवंटित किए गए, इसकी भी जांच की जा रही है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए परिवहन विभाग के उच्च अधिकारियों को भी इसकी जानकारी दे दी गई है। संभावना जताई जा रही है कि जांच आगे बढ़ने के साथ और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं तथा अन्य कर्मचारियों पर भी कार्रवाई की जा सकती है।

इस तरह के मामलों से न केवल सरकारी व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल उठते हैं, बल्कि आम लोगों के बीच असंतोष भी बढ़ता है। ऐसे में इस नेटवर्क का पूरी तरह पर्दाफाश करना जरूरी है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की अनियमितताओं पर रोक लगाई जा सके।

फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां या खुलासे होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।