धौलपुर में दर्दनाक हादसा: पार्वती नदी में डूबने से तीन बच्चों की मौत, गांव में पसरा मातम
राजस्थान के भीलवाड़ा में बजरी माफिया की लापरवाह और रफ ड्राइविंग ने एक छात्र की जान ले ली। पॉलिटेक्निक कॉलेज के पास तेज रफ्तार बजरी से भरे ट्रैक्टर ने बाइक सवार दो दोस्तों को चपेट में ले लिया। इस दर्दनाक हादसे में राकेश धाकड़ की मौत हो गई, जबकि उसका दोस्त गोविंद गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है और बजरी माफिया की मनमानी एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है।
जानकारी के अनुसार राकेश धाकड़ और गोविंद बाइक पर सवार होकर जा रहे थे। इसी दौरान पॉलिटेक्निक कॉलेज के पास तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों सड़क पर गिर पड़े। हादसे में राकेश गंभीर रूप से घायल हो गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई, जबकि गोविंद घायल हो गया।
घटना के बाद स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत घायलों को संभाला और पुलिस को सूचना दी। घायल गोविंद को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज जारी है। हादसे के बाद मृतक के परिजनों में कोहराम मच गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक ट्रैक्टर तेज रफ्तार और लापरवाही से चलाया जा रहा था। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि बजरी माफिया के वाहन अक्सर इसी तरह बेलगाम दौड़ते हैं और आम लोगों की जान जोखिम में डालते हैं। इस हादसे के बाद लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली।
पुलिस मौके पर पहुंची और घटना की जांच शुरू कर दी। ट्रैक्टर चालक की तलाश और मामले में कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
इस घटना के बाद एक बार फिर बजरी माफिया और अवैध खनन से जुड़े वाहनों की लापरवाह आवाजाही पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि भारी वाहन तेज गति से रिहायशी और शिक्षण संस्थानों के आसपास गुजरते हैं, जिससे लगातार दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।
मृतक राकेश धाकड़ की मौत से परिवार और परिचितों में शोक की लहर दौड़ गई है। बताया जा रहा है कि राकेश छात्र था और भविष्य को लेकर कई सपने संजोए हुए था, लेकिन एक लापरवाही ने उसकी जिंदगी छीन ली।
घटना के बाद लोगों ने प्रशासन से बजरी माफिया पर सख्त कार्रवाई और ऐसे वाहनों की रफ्तार पर नियंत्रण की मांग उठाई है। क्षेत्र में सड़क सुरक्षा और अवैध खनन वाहनों की निगरानी को लेकर भी आवाज तेज हो गई है।
भीलवाड़ा में हुआ यह हादसा सिर्फ एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि बेलगाम रफ्तार और लापरवाही का दर्दनाक नतीजा बनकर सामने आया है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या सख्त कदम उठाता है।
