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Rajasthan Assembly में विपक्ष के जोरदार हंगामे के बीच पारित हुए तीन बिल, जूली बोले - 'बहरी सरकार को सुनाने के लिए तेज बोल रहा हूं’

 
Rajasthan Assembly में विपक्ष के जोरदार हंगामे के बीच पारित हुए तीन बिल, जूली बोले - 'बहरी सरकार को सुनाने के लिए तेज बोल रहा हूं’

राजस्थान विधानसभा में गुरुवार को भारी बारिश से फसलों को हुए नुकसान का मुद्दा छाया रहा। कांग्रेस विधायकों ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए हंगामा किया। शून्यकाल में कांग्रेस विधायकों ने अतिवृष्टि से नष्ट हुई फसलों को लेकर सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया और किसानों को मुआवजा देने की मांग की। इस बीच, विधानसभा में हंगामे के दौरान तीन विधेयक पारित किए गए। वहीं, विधानसभा की कार्यवाही भी मात्र 33 मिनट चलने के बाद 8 सितंबर तक के लिए स्थगित कर दी गई।

किसानों को मुआवजा देने की मांग
इससे पहले शून्यकाल में कांग्रेस विधायकों ने भारी बारिश से फसलों को हुए नुकसान का मुद्दा उठाया। कांग्रेस विधायक अमित चाचाण और नरेंद्र बुडानिया ने कहा कि अतिवृष्टि ने किसानों की हालत दयनीय कर दी है। लाखों एकड़ में पकी फसलें नष्ट हो गई हैं, लेकिन सरकार ने इसकी सुध नहीं ली। बुडानिया ने तंज कसते हुए कहा कि सरकार हेलीकॉप्टर में घूम रही है, लेकिन उसके पास किसानों की सुध लेने का समय नहीं है। उन्होंने तत्काल मुआवजे की मांग की। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि किसानों की फसलें दो बार खराब हो चुकी हैं, लेकिन गिरदावरी के आदेश नहीं दिए गए। मुख्यमंत्री सदन में आए, लेकिन बिना कोई घोषणा किए चले गए। आपदा राहत मंत्री को बेड़ियों में जकड़ दिया गया है। भिवाड़ी और कई इलाके पानी में डूबे हुए हैं, लेकिन सरकार को कोई चिंता नहीं है। जूली ने ज़ोर देकर कहा कि वह किसानों की आवाज़ बहरी सरकार तक पहुँचाने के लिए ज़ोर-ज़ोर से बोल रहे हैं।

आपदा राहत मंत्री का जवाब

आपदा राहत मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि सरकार हर पीड़ित को मुआवज़ा देगी। उन्होंने कहा कि राज्य आपदा राहत कोष (एसडीआरएफ) के नियमों के तहत सर्वेक्षण का काम चल रहा है। मीणा ने बताया कि गिरदावरी 1 अगस्त से शुरू हो गई है। 22 ज़िलों में असामान्य वर्षा, 16 ज़िलों में अत्यधिक वर्षा और तीन ज़िलों में सामान्य वर्षा दर्ज की गई। उन्होंने बताया कि भारी बारिश के कारण 193 लोगों की मौत हुई, 36 घायल हुए और 347 छोटे और 279 बड़े जानवर मारे गए। 1974 पक्के मकान, 752 कच्चे मकान और 190 झोपड़ियाँ ढह गईं। 3522 परिवारों के बर्तन और 2855 परिवारों के कपड़े बर्बाद हो गए। उन्होंने बताया कि 26 मृतकों के आश्रितों को 1.04 करोड़ रुपये का मुआवजा वितरित किया गया है।

वेल में नारेबाजी, स्पीकर से नोकझोंक
दोपहर 2 बजे कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर कांग्रेस विधायक वेल में आकर नारेबाजी करने लगे। स्पीकर ने उन्हें शांत रहने को कहा, लेकिन विधायक नारेबाजी करते रहे। स्पीकर ने सख्त लहजे में कहा कि मैंने मंत्री से जवाब दिलवाया, लेकिन आपने सुना ही नहीं। मैं वेल में बदसलूकी बर्दाश्त नहीं करूंगा।

हंगामे के बीच तीन विधेयक पारित
हंगामे के बावजूद विधानसभा में तीन विधेयक पारित हुए। बुधवार को राजस्थान माल एवं सेवा कर (जीएसटी) द्वितीय संशोधन विधेयक-2025, कारखाना राजस्थान संशोधन विधेयक-2025 और कोचिंग विनियमन विधेयक-2025 पारित किए गए। गुरुवार को कार्यवाही केवल 33 मिनट चली, जिसके बाद इसे 8 सितंबर तक के लिए स्थगित कर दिया गया। इस दौरान कांग्रेस विधायकों ने किसानों को मुआवजे की मांग को लेकर अपना विरोध जारी रखा। इससे पहले आज सुबह कांग्रेस ने मुआवजे की मांग को लेकर विधानसभा परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान टीकाराम जूली ट्रैक्टर चलाकर विधानसभा के पश्चिमी गेट तक पहुँचे, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने ट्रैक्टर को अंदर घुसने से रोक दिया।

कोचिंग विधेयक भी पारित

गौरतलब है कि बुधवार को विधानसभा के मानसून सत्र में बहस और हंगामे के बीच राजस्थान कोचिंग संस्थान नियंत्रण एवं विनियमन विधेयक 2025 पारित हो गया। यह विधेयक कोचिंग संस्थानों के संचालन को नियंत्रित करने और छात्रों के हितों की रक्षा के उद्देश्य से लाया गया है।

खासकर कोटा जैसे शहरों में कोचिंग संस्थानों की मनमानी और छात्रों पर बढ़ते दबाव को देखते हुए इस विधेयक को लागू करने की लंबे समय से मांग की जा रही थी। इस विधेयक में अनिवार्य पंजीकरण, शुल्क वापसी, जुर्माना और संपत्ति जब्ती समेत कई कड़े प्रावधान शामिल किए गए हैं।

इसके अलावा, कोचिंग संस्थानों की निगरानी के लिए जिला स्तर पर एक प्राधिकरण और समितियों का भी गठन किया जाएगा। आइए इस विधेयक के सभी प्रावधानों, जुर्माने की राशि और विस्तृत निगरानी तंत्र को समझते हैं।