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राजस्थान विधानसभा को धमकी भरा ईमेल, ‘दोपहर 12 बजे बम फटने वाले हैं’, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर

राजस्थान विधानसभा को धमकी भरा ईमेल, ‘दोपहर 12 बजे बम फटने वाले हैं’, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर
 
राजस्थान विधानसभा को धमकी भरा ईमेल, ‘दोपहर 12 बजे बम फटने वाले हैं’, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर

राजस्थान विधानसभा को बम धमाके की धमकी भरा ईमेल मिलने से हड़कंप मच गया। धमकी भरे मेल में दावा किया गया कि “दोपहर 12 बजे बम फटने वाले हैं, सभी वीआईपी को तुरंत निकालें।” संदेश मिलते ही विधानसभा परिसर और प्रशासनिक महकमे में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना के बाद पुलिस, सुरक्षा एजेंसियां और बम निरोधक दस्ते तुरंत अलर्ट मोड पर आ गए।

मिली जानकारी के अनुसार धमकी भरा मेल विधानसभा से जुड़े आधिकारिक चैनल पर प्राप्त हुआ, जिसके बाद तुरंत सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किए गए। मेल में विस्फोट की चेतावनी और वीआईपी को तत्काल बाहर निकालने की बात लिखी होने से सुरक्षा एजेंसियों ने मामले को गंभीरता से लिया।

सूचना मिलते ही विधानसभा परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी गई। बम निरोधक दस्ते, डॉग स्क्वॉड और पुलिस टीमों ने परिसर और आसपास के इलाकों में सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया। संदिग्ध वस्तुओं की जांच की गई और हर गतिविधि पर नजर रखी गई। सुरक्षा के मद्देनजर प्रवेश और आवाजाही पर भी सख्ती बरती गई।

प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक धमकी भरे मेल की जांच शुरू कर दी गई है। साइबर विशेषज्ञों और जांच एजेंसियों को भी सक्रिय किया गया है ताकि ईमेल भेजने वाले की पहचान की जा सके। प्रारंभिक स्तर पर यह भी जांच की जा रही है कि यह वास्तविक खतरा है या फिर किसी की शरारत।

घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों में हलचल तेज हो गई और पूरे घटनाक्रम को हाई अलर्ट के रूप में लिया गया। विधानसभा जैसी संवेदनशील जगह को धमकी मिलने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया है।

अधिकारियों का कहना है कि किसी भी प्रकार के खतरे को हल्के में नहीं लिया जा सकता, इसलिए सभी मानक सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन किया जा रहा है। पुलिस और खुफिया एजेंसियां मामले के हर पहलू की जांच कर रही हैं।

धमकी भरे मेल के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर समीक्षा की जा रही है और संवेदनशील स्थलों पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।

फिलहाल जांच एजेंसियां मेल के स्रोत, उसकी विश्वसनीयता और संभावित खतरे को लेकर पड़ताल में जुटी हैं। वहीं सुरक्षा एजेंसियों का फोकस किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकने और पूरे परिसर की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर है।

राजस्थान विधानसभा को मिली इस धमकी ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। अब सबकी नजर जांच एजेंसियों की कार्रवाई और इस धमकी के पीछे की सच्चाई पर टिकी हुई है।