राजस्थान की इन बेटियों ने ऑस्ट्रेलिया की मैम को सिखा दी संस्कृत, विदेशी मेहमान ने जोड़ लिए हाथ
राजस्थान के सरकारी स्कूलों का बदलता माहौल सात समंदर दूर ऑस्ट्रेलिया तक पहुंचने वाला है। मंगलवार को राजसमंद जिले के देवगढ़ में कुछ ऐसा हुआ कि एक ऑस्ट्रेलियाई मेहमान ने कहा, "मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि भारत के एक छोटे से शहर के सरकारी स्कूल में इतना टैलेंट होगा।"
संस्कृत सुनकर एलिसन हैरान रह गईं।
ऑस्ट्रेलिया से आईं एलिसन बार्टर पिछले 10 दिनों से देवगढ़ में हैं। जब वह देवगढ़ के रावत नर्सिंग गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल पहुंचीं, तो उन्हें उम्मीद नहीं थी कि स्टूडेंट्स उनसे ऐसी भाषा में बात करेंगे जो दुनिया की सबसे मुश्किल मानी जाती है। जब एलिसन ने बच्चों से बात की, तो उन्होंने बिना किसी झिझक के शुद्ध संस्कृत में जवाब दिया। संस्कृत का यह प्रवाह सुनकर एलिसन इतनी मंत्रमुग्ध हो गईं कि उन्होंने स्टूडेंट्स से संस्कृत के शब्द और सही उच्चारण सीखने पर ज़ोर दिया।
कंप्यूटर पर नाचती उंगलियां और डिजिटल विज़न
सिर्फ संस्कृत ही नहीं, जब एलिसन ने स्कूल की कंप्यूटर लैब में छोटी लड़कियों को टेक्नोलॉजी से खेलते देखा, तो वह उनके लॉजिक से भी इम्प्रेस हुईं। डिजिटल इंडिया की यह तस्वीर देखकर एलिसन ने स्टूडेंट्स से उनके करियर और टेक्नोलॉजी के बारे में लंबी बातचीत की।
ऑस्ट्रेलियाई मीडिया में छपेगी देवगढ़ की कहानी
स्कूल के डिसिप्लिन, सफाई और मिड-डे मील सिस्टम से इम्प्रेस होकर एलिसन ने एक बड़ा वादा किया है। उन्होंने इमोशनल होकर कहा, "जब मैं ऑस्ट्रेलिया वापस जाऊंगी, तो सोशल मीडिया और मेनस्ट्रीम मीडिया प्लेटफॉर्म पर देवगढ़ की इन लड़कियों की काबिलियत के बारे में ज़रूर लिखूंगी।"
विदेशी मेहमान ने हिंदी में बात की, भाषा की रुकावट टूटी
बच्चों को मोटिवेट करने के लिए एलिसन ने न सिर्फ इंग्लिश बल्कि हिंदी का भी इस्तेमाल किया। विदेशी मेहमान के आने से स्टूडेंट्स का कॉन्फिडेंस बढ़ रहा था। स्कूल एडमिनिस्ट्रेशन के मुताबिक, इस विज़िट ने बच्चों के मन से "ग्लोबल डर" दूर कर दिया है।
