मोबाइल तो है, लेकिन नेटवर्क नहीं—राजस्थान का ऐसा गांव जहां 3 किलोमीटर दूर जाकर चलता है फोन
आज के डिजिटल युग में जहां मोबाइल फोन और इंटरनेट हर व्यक्ति की जरूरत बन चुके हैं, वहीं राजस्थान के एक ग्रामीण इलाके में लोग अब भी नेटवर्क की समस्या से जूझ रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि गांव में मोबाइल फोन तो मौजूद हैं, लेकिन उनका उपयोग करना आसान नहीं है।
ग्रामीणों के अनुसार, इस इलाके में मोबाइल नेटवर्क की स्थिति इतनी कमजोर है कि कॉल करने या इंटरनेट इस्तेमाल करने के लिए लोगों को गांव से करीब 3 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। वहां पहुंचने के बाद ही किसी तरह सिग्नल मिल पाता है और जरूरी बातचीत या ऑनलाइन काम हो पाता है।
इस समस्या का सबसे ज्यादा असर छात्रों, किसानों और नौकरीपेशा लोगों पर पड़ रहा है। छात्रों को ऑनलाइन पढ़ाई के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, वहीं किसानों को मौसम, मंडी भाव और सरकारी योजनाओं की जानकारी समय पर नहीं मिल पा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार आपात स्थिति में भी संपर्क साधना मुश्किल हो जाता है, जिससे उनकी चिंता और बढ़ जाती है। स्थानीय लोगों ने कई बार संबंधित विभागों और प्रशासन से नेटवर्क सुधार की मांग की है, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
गांव के लोग बताते हैं कि मोबाइल टावर की दूरी और कमजोर सिग्नल के कारण यह स्थिति बनी हुई है। शाम के समय या खराब मौसम में नेटवर्क पूरी तरह गायब हो जाता है, जिससे संपर्क व्यवस्था पूरी तरह ठप हो जाती है।
डिजिटल इंडिया के दौर में इस तरह की स्थिति ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे की कमी को उजागर करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि दूरस्थ इलाकों में टेलीकॉम सेवाओं के विस्तार पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है, ताकि हर नागरिक को समान डिजिटल सुविधा मिल सके।
फिलहाल ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन और दूरसंचार कंपनियां जल्द ही इस समस्या का समाधान करेंगी, जिससे उन्हें बुनियादी संचार सुविधाएं गांव के भीतर ही उपलब्ध हो सकें।
