राजस्थान में फिर बदलेगा मौसम, 19 अगस्त से बारिश का दौर होगा शुरू; वीडियो में जाने 10 जिलों में यलो अलर्ट
राजस्थान में एक बार फिर मानसून सक्रिय होने जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार बुधवार 19 अगस्त से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर शुरू होगा। विभाग ने 10 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 20 और 21 अगस्त को बारिश की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं। हालांकि, पश्चिमी राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में मौसम के शुष्क रहने की संभावना जताई गई है।
इससे पहले सोमवार को प्रदेश में मौसम सामान्य तौर पर साफ रहा। बारिश नहीं होने और हवा में नमी के कारण कई जिलों में उमस ने लोगों को परेशान किया। दिनभर गर्मी और उमस के बीच लोग बारिश का इंतजार करते नजर आए। हालांकि, पिछले 24 घंटे के दौरान कुछ जिलों में हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई।
मौसम विभाग के मुताबिक अलवर, धौलपुर, सवाई माधोपुर, बूंदी, कोटा, जालोर, सिरोही, उदयपुर और प्रतापगढ़ के आसपास के इलाकों में बूंदाबांदी हुई। इन क्षेत्रों में बारिश के कारण तापमान में मामूली बदलाव देखने को मिला।
प्रदेश में सोमवार को सबसे अधिक तापमान श्रीगंगानगर में 39.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं सबसे कम तापमान माउंट आबू में 22.8 डिग्री सेल्सियस रहा। श्रीगंगानगर में रात का तापमान भी बढ़कर 29 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इससे रात के समय भी लोगों को गर्मी और उमस से राहत नहीं मिल सकी।
मौसम विभाग के अनुसार अगले दो से तीन दिनों के दौरान प्रदेश में बारिश की गतिविधियां कुछ कमजोर रह सकती हैं, लेकिन पूर्वी राजस्थान में बारिश का दौर बना रहने की संभावना है। 19 से 21 अगस्त के बीच भरतपुर और कोटा संभाग में बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी हो सकती है।
वहीं पश्चिमी राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में इस दौरान मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। हालांकि, स्थानीय मौसम परिस्थितियों के कारण कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या बूंदाबांदी से इनकार नहीं किया गया है।
मौसम विभाग ने 20 से 23 अगस्त के दौरान भरतपुर और जयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई है। इस दौरान कई इलाकों में बादल छाए रहने और मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। प्रदेश के बाकी हिस्सों में मानसून की गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर रहने का अनुमान है।
बारिश के दोबारा सक्रिय होने से किसानों को भी राहत मिलने की उम्मीद है। वहीं जिन क्षेत्रों में पिछले दिनों अच्छी बारिश हुई है, वहां जलभराव और स्थानीय नदी-नालों के जलस्तर को लेकर प्रशासन को सतर्क रहने की जरूरत होगी।
मौसम विभाग ने लोगों से बारिश के दौरान सावधानी बरतने और मौसम संबंधी अपडेट पर नजर रखने की अपील की है। खासकर तेज बारिश वाले इलाकों में जलभराव वाले रास्तों से बचने की सलाह दी गई है। आने वाले दिनों में मानसून की गतिविधियों पर निर्भर करेगा कि प्रदेश के किन हिस्सों में बारिश का असर ज्यादा देखने को मिलता है।
