डीग के दौरे में नेता प्रतिपक्ष की पत्नी का सरल और मानवीय रूप, ग्रामीणों का जीता दिल
राजस्थान के डीग जिले के ग्राम दिदावली में सियासी चमक-धमक और वीआईपी प्रोटोकॉल से अलग एक अलग ही दृश्य देखने को मिला। यहां टीकाराम जूली की पत्नी गीता देवी का सादगी भरा अंदाज ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बन गया।
एक दिवसीय दौरे के दौरान गीता देवी ने ग्रामीणों से सहजता के साथ मुलाकात की और उनके बीच समय बिताया। उन्होंने गांव की दिनचर्या को करीब से समझा और लोगों की समस्याओं व जीवनशैली के बारे में जानकारी ली। उनका यह व्यवहार ग्रामीणों को काफी पसंद आया।
कार्यक्रम के दौरान गीता देवी ने पूरी सादगी के साथ लोगों से संवाद किया, जिससे गांव के लोगों ने उन्हें अपनापन महसूस कराया। इस दौरान उन्होंने किसी भी तरह के वीआईपी प्रोटोकॉल या दिखावे से दूरी बनाए रखी, जो आमतौर पर राजनीतिक दौरों में देखने को मिलता है।
ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह का व्यवहार उन्हें अपनेपन का अहसास कराता है और इससे नेताओं व आम जनता के बीच दूरी कम होती है। गीता देवी की सादगी और सहजता ने लोगों के दिलों को छू लिया।
उनके इस दौरे को ग्रामीणों ने सकारात्मक रूप में लिया और इसे एक प्रेरणादायक उदाहरण बताया। आधुनिक जीवनशैली के बीच अपनी जड़ों से जुड़े रहने का यह संदेश भी लोगों को पसंद आया।
कुल मिलाकर, डीग के दिदावली गांव में हुआ यह दौरा न केवल एक सामान्य कार्यक्रम था, बल्कि सादगी, अपनापन और जनसंपर्क का एक सुंदर उदाहरण बनकर सामने आया।
