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नागौर में रोचक हुआ सरपंच चुनाव, वीडियो में देंखे हनुमान बेनीवाल की दो भाभियां आमने-सामने; 6 महिला प्रत्याशी मैदान में

नागौर में रोचक हुआ सरपंच चुनाव, वीडियो में देंखे हनुमान बेनीवाल की दो भाभियां आमने-सामने; 6 महिला प्रत्याशी मैदान में
 
नागौर में रोचक हुआ सरपंच चुनाव, वीडियो में देंखे हनुमान बेनीवाल की दो भाभियां आमने-सामने; 6 महिला प्रत्याशी मैदान में

राजस्थान में पंचायत चुनाव के बीच नागौर सांसद और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के संयोजक हनुमान बेनीवाल के पैतृक गांव बरणगांव में सरपंच पद का मुकाबला दिलचस्प हो गया है। यहां सरपंच की कुर्सी के लिए बेनीवाल परिवार की दो बहुएं आमने-सामने हैं। सांसद हनुमान बेनीवाल के बड़े भाई स्वर्गीय रामप्रसाद बेनीवाल की पत्नी मीरा बेनीवाल और उनके दूसरे भाई प्रेमसुख बेनीवाल की पत्नी राजबाला बेनीवाल चुनाव मैदान में हैं। दोनों सगी बहनें भी हैं। ऐसे में गांव का यह चुनाव स्थानीय राजनीति के साथ बेनीवाल परिवार के लिहाज से भी चर्चा में है।नागौर पंचायत समिति के अंतर्गत आने वाले बरणगांव में सरपंच पद के लिए कुल छह महिला प्रत्याशी चुनाव लड़ रही हैं। इनमें मीरा बेनीवाल और राजबाला बेनीवाल की दावेदारी पर लोगों की नजरें टिकी हैं। हालांकि, अभी तक हनुमान बेनीवाल की ओर से किसी एक प्रत्याशी को आधिकारिक समर्थन देने की पुष्टि नहीं हुई है।

25 साल पहले सरपंच रह चुके हैं रामप्रसाद बेनीवाल

हनुमान बेनीवाल के बड़े भाई स्वर्गीय रामप्रसाद बेनीवाल गांव की राजनीति में लंबे समय तक सक्रिय रहे थे। वह करीब 25 साल पहले बरणगांव के सरपंच रह चुके हैं। अब उनकी पत्नी मीरा बेनीवाल उसी पद के लिए चुनाव मैदान में उतरी हैं। उनके सामने परिवार के ही दूसरे सदस्य की पत्नी राजबाला बेनीवाल चुनाव लड़ रही हैं।राजबाला बेनीवाल, हनुमान बेनीवाल के भाई प्रेमसुख बेनीवाल की पत्नी हैं। दोनों प्रत्याशियों के बीच पारिवारिक रिश्ता होने के कारण मुकाबला और भी चर्चा में आ गया है। अब देखना होगा कि गांव के मतदाता किस प्रत्याशी पर भरोसा जताते हैं।

2,970 मतदाता करेंगे प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला

बरणगांव और उससे जुड़े बूढ़ी तथा अर्जुनपुरा क्षेत्र को मिलाकर कुल 2,970 मतदाता हैं। इन्हीं मतदाताओं के वोट से सरपंच पद का फैसला होगा। छह महिला प्रत्याशियों के मैदान में होने से मुकाबले में कई समीकरण बन सकते हैं।गांव में चुनावी गतिविधियां तेज हैं और लोगों की नजर इस बात पर है कि बेनीवाल परिवार की दोनों बहुओं में से कौन सरपंच की कुर्सी तक पहुंचती है। हालांकि, चुनाव परिणाम आने से पहले किसी भी प्रत्याशी की जीत को लेकर निश्चित दावा नहीं किया जा सकता।

बेनीवाल परिवार के पुराने राजनीतिक घटनाक्रम भी चर्चा में

बरणगांव के इस चुनाव को बेनीवाल परिवार से जुड़े पुराने राजनीतिक घटनाक्रमों के संदर्भ में भी देखा जा रहा है। वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में मीरा बेनीवाल की बेटी डॉ. अनीता बेनीवाल भी हनुमान बेनीवाल के सामने चुनाव मैदान में उतरी थीं। उस चुनाव में परिवार के भीतर राजनीतिक मुकाबले की चर्चा रही थी।इसके बाद वर्ष 2024 में खींवसर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में हनुमान बेनीवाल की पत्नी कनिका बेनीवाल को हार का सामना करना पड़ा था। अब पैतृक गांव में सरपंच पद के लिए परिवार की दो बहुओं के आमने-सामने आने से एक बार फिर बेनीवाल परिवार की राजनीति सुर्खियों में है।फिलहाल, बरणगांव में सरपंच पद का मुकाबला छह महिला प्रत्याशियों के बीच है। मीरा बेनीवाल और राजबाला बेनीवाल के बीच होने वाली चुनावी टक्कर पर खास नजर रहेगी। अंतिम फैसला गांव के मतदाता करेंगे।