राजस्थान हाईकोर्ट ने जारी किये सिविल जज कैडर 2025 के परीक्षा के परिणाम, दो मिनट के वीडियो में देंखे पूरा रिजल्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने सिविल जज कैडर में सीधी भर्ती 2025 के लिए आयोजित प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम आज (19 अगस्त, 2025) जारी कर दिया है। इस परीक्षा में राज्यभर से हजारों अभ्यर्थियों ने भाग लिया था।
उल्लेखनीय है कि यह परीक्षा 27 जुलाई, 2025 को आयोजित की गई थी। परीक्षा का आयोजन राजस्थान हाईकोर्ट की ओर से सिविल जज के रिक्त पदों को भरने के उद्देश्य से किया गया था। अब परिणाम घोषित होने के बाद मुख्य परीक्षा के लिए योग्य उम्मीदवारों की सूची और रोल नंबर जारी कर दिए गए हैं।
राजस्थान हाईकोर्ट ने अपने आधिकारिक पोर्टल पर मुख्य परीक्षा के लिए क्वालीफाई किए गए अभ्यर्थियों के रोल नंबर और आवश्यक निर्देश अपलोड कर दिए हैं। अभ्यर्थी अपना रोल नंबर और परीक्षा संबंधी विवरण हाईकोर्ट की वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं।
हाईकोर्ट के अधिकारियों ने बताया कि जो अभ्यर्थी प्रारंभिक परीक्षा में सफल हुए हैं, उन्हें अब मुख्य परीक्षा की तैयारी पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। मुख्य परीक्षा में सफल होने के बाद ही उम्मीदवारों को सिविल जज के पदों पर अंतिम चयन के लिए मौका मिलेगा।
सिविल जज भर्ती परीक्षा में सफलता पाने वाले उम्मीदवारों को अदालत में न्यायिक कार्यों का प्रशिक्षण और विभिन्न कानूनी प्रक्रियाओं की जानकारी दी जाएगी। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि चयनित अभ्यर्थी प्रभावी और न्यायसंगत तरीके से कार्य कर सकें।
अभ्यर्थियों के अनुसार, प्रारंभिक परीक्षा में प्रतियोगिता काफी कठिन और व्यापक थी। सवालों में नागरिक कानून, सिविल प्रक्रिया, संवैधानिक कानून और न्यायिक मामलों की अच्छी समझ की परीक्षा ली गई। अब मुख्य परीक्षा में अधिक गहन और विस्तृत ज्ञान की मांग की जाएगी।
राजस्थान हाईकोर्ट ने अभ्यर्थियों से आग्रह किया है कि वे मुख्य परीक्षा के लिए सभी निर्देशों और समय सीमा का पालन करें। इसके साथ ही, किसी भी विवाद या असंतोष की स्थिति में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ही शिकायत दर्ज करवाई जा सकती है।
इस प्रकार, राजस्थान के न्यायिक कैडर में योग्य और प्रशिक्षित सिविल जजों की भर्ती के लिए यह एक महत्वपूर्ण चरण है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस भर्ती प्रक्रिया से राज्य में न्यायिक प्रणाली में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
राजस्थान हाईकोर्ट की इस पहल से लाखों अभ्यर्थियों को न्यायिक सेवा में कदम रखने का अवसर मिलेगा और प्रदेश के न्यायिक ढांचे को मजबूत बनाने में योगदान मिलेगा।
